भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलांग में सहायक प्रोफेसर के पद पर किया कार्यभार ग्रहण
विंढमगंज (सोनभद्र)। विंढमगंज क्षेत्र के बुटवेढ़वा गांव निवासी नागेंद्र कुमार ने अपनी उपलब्धि से क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उन्होंने 16 अक्टूबर 2026 को मेघालय स्थित प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) शिलांग में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। वह संस्थान के संचालन एवं मात्रात्मक तकनीक विभाग में अपनी सेवाएं देंगे। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है।नागेंद्र कुमार के पिता विष्णुधारी लाल यादव ने बेटे की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। नागेंद्र कुमार की सफलता से बुटवेढ़वा गांव सहित पूरे विंढमगंज क्षेत्र का मान बढ़ा है। क्षेत्र के लोगों ने इसे गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

नागेंद्र कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर, माता-पिता के आशीर्वाद, उनके त्याग और निरंतर सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता के प्रेम और समर्थन के बिना इस मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं था। उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा में मार्गदर्शन देने वाले शिक्षकों और शोध निर्देशकों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
उन्होंने अपने पीएचडी शोध निर्देशक प्रोफेसर राजीव रंजन कुमार के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन को महत्वपूर्ण बताया। इसके साथ ही प्रोफेसर आलोक राज और प्रोफेसर कृष्ण कुमार दड़सेना के सहयोग के लिए भी आभार जताया। उन्होंने प्रोफेसर श्रीराम नारायणन और डॉ. विजयेन्द्र सिंह से मिली प्रेरणा के लिए भी धन्यवाद दिया।
नागेंद्र कुमार ने भारतीय प्रबंधन संस्थान रांची के निदेशक प्रोफेसर दीपक श्रीवास्तव और संस्थान के सभी शिक्षकों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पीएचडी के दौरान संस्थान में उन्हें सीखने, शोध करने और अपनी क्षमताओं को विकसित करने के लिए अनुकूल वातावरण मिला। उन्होंने आईआईएम शिलांग के निदेशक प्रोफेसर डॉ. अरुण मोहन शेर्री, नितिन शर्मा और चयन प्रक्रिया से जुड़े सभी शिक्षाविदों का भी धन्यवाद किया।
नागेंद्र कुमार ने कहा कि भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलांग जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा बनना उनके लिए सम्मान की बात है। वह अध्यापन, शोध और संस्थान के विकास में अपना योगदान देने के लिए उत्साहित हैं।
नागेंद्र कुमार की इस उपलब्धि से बुटवेढ़वा गांव सहित पूरे विंढमगंज क्षेत्र में खुशी की लहर है। क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनकी सफलता से क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने, शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य को हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी।












