भारत के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। सबसे खास बात यह रही कि वह पूरी सीरीज में एक बार भी आउट नहीं हुए। रूट ने तीनों मुकाबलों में कुल 260 गेंदों का सामना करते हुए 249 रन बनाए और अपनी निरंतरता के दम पर प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार अपने नाम किया।

पहले वनडे में उन्होंने 79 रन की नाबाद पारी खेली। दूसरे मुकाबले में उन्होंने बेहद संयमित बल्लेबाजी करते हुए 99 रन बनाकर नाबाद रहे और मात्र एक रन से शतक से चूक गए। इस शानदार पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। तीसरे वनडे में रूट ने अपना अलग ही अंदाज दिखाया और केवल 48 गेंदों में 74 रन ठोक दिए। लगभग 154 की स्ट्राइक रेट (170 नहीं) से खेली गई इस पारी में उन्होंने 9 चौके लगाए और इंग्लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई।
इस सीरीज के दौरान रूट ने लगातार छह वनडे पारियों में 50 से अधिक रन बनाने का शानदार रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। साथ ही उन्होंने इंग्लैंड की ओर से सबसे अधिक 13 बार प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीतने का नया कीर्तिमान स्थापित किया।
भारतीय गेंदबाजों ने तीन मैचों में रूट के खिलाफ कुल 260 गेंदें (43.2 ओवर) फेंकीं, लेकिन उन्हें एक भी बार आउट नहीं कर सके। पहले दो मैचों में उन्होंने दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरने के बावजूद पारी को संभाले रखा, जबकि तीसरे मुकाबले में दबाव कम होने पर उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टी20 शैली के कई आकर्षक शॉट खेले।
जो रूट का यह प्रदर्शन इंग्लैंड की सीरीज जीत की सबसे बड़ी वजहों में से एक रहा। उनकी तकनीक, धैर्य और परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करने की क्षमता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह मौजूदा दौर के सबसे भरोसेमंद वनडे बल्लेबाजों में शामिल हैं।




