मुख्य गेट बंद कर बोले—सर आप मत जाइए, बच्चों का प्रेम देख शिक्षक की भी आंखें हुईं नम
विंढमगंज (सोनभद्र)। एक शिक्षक की अहमियत क्या होती है, इसका भावुक दृश्य गुरुवार को विंढमगंज कंपोजिट विद्यालय में देखने को मिला। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजकमल यादव के स्थानांतरण की खबर जैसे ही बच्चों को मिली, उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। बच्चों ने विद्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया और अपने प्रिय गुरुजी को जाने से रोकने की जिद पर अड़ गए।

बताया जाता है कि राजकमल यादव पिछले 14 वर्षों से इसी विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे। अपने सरल स्वभाव, बच्चों के प्रति आत्मीय व्यवहार और पढ़ाने के अनोखे अंदाज से उन्होंने विद्यार्थियों के दिल में खास जगह बनाई। उनके प्रयासों से विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में जिले में अपनी अलग पहचान बनाई। ब्लॉक एवं जिला स्तरीय परीक्षाओं में विद्यालय के विद्यार्थी लगातार बेहतर प्रदर्शन करते रहे हैं। विद्यालय का भौतिक वातावरण और सुंदरता भी किसी निजी विद्यालय से कम नहीं है।
गुरुवार को स्थानांतरण की सूचना मिलते ही बच्चे गेट से लिपटकर रोने लगे और कहने लगे, “सर आप मत जाइए।” बच्चों का यह प्रेम देखकर राजकमल यादव भी खुद को भावुक होने से नहीं रोक सके और उनकी आंखें भी भर आईं। उन्होंने बच्चों को समझाते हुए कहा कि वे आगे भी खूब मन लगाकर पढ़ाई करें और विद्यालय का नाम रोशन करें।
इस भावुक पल के दौरान विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और ग्रामीण भी मौजूद रहे। काफी देर तक समझाने के बाद बच्चों ने नम आंखों से अपने प्रिय शिक्षक को विदाई दी।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि राजकमल यादव ने विद्यालय में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए काफी मेहनत की है। सामाजिक कार्यकर्ता वीरेंद्र कुमार ने कहा कि शिक्षक की मेहनत और बच्चों के प्रति आत्मीय व्यवहार का ही परिणाम है कि आज विद्यार्थी उनसे इतना गहरा जुड़ाव महसूस करते हैं।
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“मेरे आंसू बता रहे हैं, तेरी अहमियत क्या है…”
राजकमल यादव की विदाई के दौरान विंढमगंज में भावुक कर देने वाला मंजर देखने को मिला। बच्चों के साथ मौजूद शिक्षक और अभिभावकों की आंखें भी नम हो गईं। हालांकि विद्यालय के शिक्षकों एवं सामाजिक संगठनों की ओर से राजकमल यादव के सम्मान में मंगलवार को विधिवत विदाई समारोह आयोजित किया जाना है, लेकिन उनके स्थानांतरण की खबर मिलते ही बच्चों का भावनात्मक जुड़ाव सामने आ गया और पूरा विद्यालय परिसर भावुक हो उठा।











