October 22, 2026 10:51 am

Written By

Share करें

✓ Link copy हो गया!

सम्बंधित जानकारी

आज होगा असत्य पर सत्य की विजय, भारती इंटर कॉलेज खेल मैदान व छठ पूजा स्थल पर होगा रावण दहन विंढमगंज (सोनभद्र)। असत्य पर सत्य की विजय और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पर्व आज विंढमगंज क्षेत्र में धूमधाम से मनाया जाएगा। स्थानीय भारती इंटर कॉलेज के खेल मैदान एवं छठ पूजा स्थल पर विशालकाय रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। विंढमगंज में रावण दहन की यह ऐतिहासिक परंपरा करीब 50 वर्षों से चली आ रही है। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए सोनभद्र सहित आसपास के क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। विजयादशमी के अवसर पर दोनों स्थलों पर मेले को लेकर उत्साह का माहौल रहता है। क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं की आकर्षक झांकियां भी खेल मैदान में पहुंचती हैं। हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे इस आयोजन में शामिल होकर मेले की रौनक बढ़ाते हैं। राम-रावण युद्ध होगा आकर्षण का केंद्र रावण दहन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीराम और दशानन रावण के बीच होने वाला प्रतीकात्मक युद्ध होता है। युद्ध के अंतिम चरण में भगवान श्रीराम का बाण रावण के विशालकाय पुतले को धराशायी कर देता है। इसके साथ ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठता है और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश जन-जन तक पहुंचता है। राम जानकी मंदिर के कार्यकर्ताओं की रहती है अहम भूमिका इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में राम जानकी मंदिर के कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। कार्यकर्ता महीनों पहले से तैयारियों में जुट जाते हैं और अथक मेहनत से मेले को आकर्षक स्वरूप प्रदान करते हैं। रावण के विशालकाय पुतले के निर्माण से लेकर अन्य व्यवस्थाओं तक में आयोजन समिति के सदस्यों का योगदान सराहनीय रहता है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहता है। थाना प्रभारी अपने हमराहियों के साथ मौके पर मुस्तैद रहकर शांति व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ताकि श्रद्धालुओं और दर्शकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। विजयादशमी के अवसर पर विंढमगंज के दोनों आयोजन स्थलों पर उत्सव का माहौल देखने को मिलेगा। लोगों को उस ऐतिहासिक क्षण का इंतजार है, जब भगवान श्रीराम के बाण से रावण का विशालकाय पुतला धू-धू कर जलेगा और पूरा क्षेत्र असत्य पर सत्य की विजय के जयघोष से गूंज उठेगा।

मीट विक्रेताओं के हौसलें बुलंद , मुख्यमंत्री के आदेश को ठेंगा

कचनरवा मुख्य बाजार, अस्पताल रोड व बागेसोती मार्ग पर सड़क किनारे हो रही मुर्गा-मछली की खुलेयाम बिक्री, संक्रामक रोग फैलने की आशंका

स्थानीय लोगों ने डीएम से लगाई कार्रवाई की गुहार

 

(दुद्धी सोनभद्र रिपोर्ट नितेश कुमार)

 

कोन/सोनभद्र-ओबरा तहसील क्षेत्र के कोन थाना अंतर्गत कचनरवा मुख्य बाजार में खुलेआम सड़क किनारे मुर्गा, मछली और मांस की बिक्री से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। आरोप है कि बाजार, अस्पताल मार्ग, बागेसोती रोड और कोन-विंढमगंज मार्ग पर मीट विक्रेताओं ने सड़क तक कब्जा कर रखा है, जिससे राहगीरों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति । जिसके चलते अवैध मीट विक्रेताओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं यहाँ तक कि मीट विक्रेताओं द्वारा खुलेयाम धमकी दी जाती है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायतें और समाचार प्रकाशित होने के बावजूद संबंधित विभाग ने सिर्फ औपचारिक कार्रवाई की। बतादें कि कुछ माह पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी कर दो दुकानदारों पर कार्रवाई की थी, लेकिन उसके बाद फिर से खुलेआम सड़क किनारे मांस और मछली की बिक्री शुरू हो गई।

 

लोगों का कहना है कि सड़क पर ही मुर्गों का वध और मांस की कटाई होने से आसपास गंदगी और दुर्गंध फैली रहती है। बाजार से गुजरने वाले लोगों पर खून और पानी के छींटे पड़ने की शिकायतें भी सामने आती हैं। इससे न केवल विवाद और मारपीट की आशंका बनी रहती है, बल्कि संक्रामक रोग फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। जबकि जिले में इन दिनों संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है, ऐसे में कचनरवा बाजार की स्थिति अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही है।

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बाजार में कुछ मिठाई और नाश्ते की दुकानों पर भी मानकों की अनदेखी करते हुए बासी एवं खराब गुणवत्ता की खाद्य सामग्री बेची जा रही है। लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से पूरे बाजार का व्यापक निरीक्षण कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार खुले में मांस का प्रदर्शन और बिक्री प्रतिबंधित है। खाद्य सुरक्षा विभाग के नियमों के तहत मांस विक्रेताओं के लिए वैध लाइसेंस, स्वच्छता मानकों का पालन तथा दुकान को इस प्रकार ढंकना अनिवार्य है कि बाहर से मांस दिखाई न दे। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण और दुकान सील करने तक का प्रावधान है। जबकि प्रदेश सरकार द्वारा श्रावण मास में कावड़ियों के लिए जगह जगह फूल बरसाए जा रहे हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं पर कच नरवा में ठीक विपरीत चल रहा है। बतादें कि ग्राम पंचायत कुड़वा के पांडुचट्टान पांडु नदी से जल चढ़ाने के लिए रोरवा शिव मन्दिर इसी रास्ते से जाते हैं और वहीं स्थानीय लोगों ने कचनरवा बाजार में नियमों की खुलेआम अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।

 

स्थानीय निवासी गंगा यादव, राजेंद्र, प्रदीप, सूबेदार , बिहारी, सुनील, राजेश, सूर्यबलि, बिफई समेत अनेक स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी और जिला प्रशासन से मांग की है कि मुख्य बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, सड़क किनारे खुले में मांस की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा बिना मानक और बिना लाइसेंस संचालित दुकानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

 

पक्ष जानने का प्रयास:

इस संबंध में जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के संबंधित अधिकारी से मोबाइल फोन पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करता है या मामला एक बार फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है।

Nitesh Kumar
Author: Nitesh Kumar

Nice

error: Content is protected !!