10 जनवरी 2024 को हुआ था रेल रोको प्रदर्शन, रांची–चोपन और स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के ठहराव की मांग को लेकर फिर लामबंद हो रहे क्षेत्रवासी
विंढमगंज (सोनभद्र)। विंढमगंज रेलवे स्टेशन पर प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग पूरी नहीं होने से क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रांची–चोपन एक्सप्रेस और स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर लंबे समय से उठ रही मांग पर ठोस पहल नहीं होने से एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। क्षेत्रवासियों ने रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शीघ्र निर्णय लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि मांग की अनदेखी जारी रही तो वे दोबारा रेल रोको आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

विंढमगंज रेलवे स्टेशन आदिवासी एवं ग्रामीण अंचल के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। आसपास के गांवों के हजारों लोग शिक्षा, रोजगार, व्यापार और इलाज के लिए रेल यातायात पर निर्भर हैं। ऐसे में प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। क्षेत्रवासी रांची–चोपन एक्सप्रेस (18613/18614 एवं 18631/18632) तथा स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस (12873/12874) का विंढमगंज स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित कराने की मांग कर रहे हैं।
क्षेत्रवासियों के मुताबिक, ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर 10 जनवरी 2024 को भारतीय इंटरमीडिएट कॉलेज के खेल मैदान में रेल रोको प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता और रेलवे अधिकारियों की ओर से मांग पर आश्वासन दिया गया था। इसके बाद क्षेत्रवासी आश्वासन पर भरोसा जताते हुए निर्णय की प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं होने से लोगों में निराशा बढ़ती जा रही है।
क्षेत्रवासियों ने स्टेशन अधीक्षक आलोक अकेला सहित रेल प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। एडवोकेट रमेशचंद्र कुशवाहा, ओम प्रकाश रावत, अजय गुप्ता, ओपी यादव, गढ़वा जिले के अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण राम, वीरेंद्र गुप्ता, सुमन गुप्ता, संतोष कुशवाहा, मनोहर कुशवाहा, संजय कुमार गुप्ता, दीपक गुप्ता, प्रेम, मनोहर, अनिल, नंदकिशोर, राजेश और सुरेंद्र रावत सहित अन्य लोगों ने रेल मंत्री, पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक, धनबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक तथा रॉबर्ट्सगंज के सांसद से दोनों ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है।
क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे अपने हक के लिए दोबारा रेल रोको आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।












