विंढमगंज। स्थानीय क्षेत्र में स्थित सततवाहिनी नदी के छठ घाट पर शनिवार को श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की आत्मा की शांति और तृप्ति के लिए विधि-विधान से श्राद्ध एवं तर्पण किया। इस दौरान पंडित राजीव रंजन तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ तर्पण, अर्पण और समर्पण की भावना से कर्मकांड संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों को स्मरण करते हुए श्रद्धापूर्वक जल अर्पित किया।

कर्मकांड करा रहे पंडित राजीव रंजन तिवारी ने बताया कि श्राद्ध पक्ष प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक पितरों को स्मरण करने और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का विशेष समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में पितरों की तृप्ति के लिए उनके वंशजों द्वारा तर्पण, पिंडदान एवं श्राद्ध करने का विधान है। उन्होंने बताया कि भाद्रपद पूर्णिमा से लेकर आश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या तक पितरों के निमित्त विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि श्राद्ध एवं तर्पण का उद्देश्य अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना, उनकी स्मृति को संजोए रखना और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करना है। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ अपने पितरों को नमन किया।











