October 21, 2026 4:37 am

Written By

Share करें

✓ Link copy हो गया!

सम्बंधित जानकारी

आज होगा असत्य पर सत्य की विजय, भारती इंटर कॉलेज खेल मैदान व छठ पूजा स्थल पर होगा रावण दहन विंढमगंज (सोनभद्र)। असत्य पर सत्य की विजय और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पर्व आज विंढमगंज क्षेत्र में धूमधाम से मनाया जाएगा। स्थानीय भारती इंटर कॉलेज के खेल मैदान एवं छठ पूजा स्थल पर विशालकाय रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। विंढमगंज में रावण दहन की यह ऐतिहासिक परंपरा करीब 50 वर्षों से चली आ रही है। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए सोनभद्र सहित आसपास के क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। विजयादशमी के अवसर पर दोनों स्थलों पर मेले को लेकर उत्साह का माहौल रहता है। क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं की आकर्षक झांकियां भी खेल मैदान में पहुंचती हैं। हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे इस आयोजन में शामिल होकर मेले की रौनक बढ़ाते हैं। राम-रावण युद्ध होगा आकर्षण का केंद्र रावण दहन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीराम और दशानन रावण के बीच होने वाला प्रतीकात्मक युद्ध होता है। युद्ध के अंतिम चरण में भगवान श्रीराम का बाण रावण के विशालकाय पुतले को धराशायी कर देता है। इसके साथ ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठता है और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश जन-जन तक पहुंचता है। राम जानकी मंदिर के कार्यकर्ताओं की रहती है अहम भूमिका इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में राम जानकी मंदिर के कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। कार्यकर्ता महीनों पहले से तैयारियों में जुट जाते हैं और अथक मेहनत से मेले को आकर्षक स्वरूप प्रदान करते हैं। रावण के विशालकाय पुतले के निर्माण से लेकर अन्य व्यवस्थाओं तक में आयोजन समिति के सदस्यों का योगदान सराहनीय रहता है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहता है। थाना प्रभारी अपने हमराहियों के साथ मौके पर मुस्तैद रहकर शांति व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ताकि श्रद्धालुओं और दर्शकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। विजयादशमी के अवसर पर विंढमगंज के दोनों आयोजन स्थलों पर उत्सव का माहौल देखने को मिलेगा। लोगों को उस ऐतिहासिक क्षण का इंतजार है, जब भगवान श्रीराम के बाण से रावण का विशालकाय पुतला धू-धू कर जलेगा और पूरा क्षेत्र असत्य पर सत्य की विजय के जयघोष से गूंज उठेगा।

राजस्थान एटीएस ने संदिग्धों को हिरासत में लिया, पाक हैंडलर से जुड़े संदिग्धों के परिसरों पर छापेमारी की

राजस्थान पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने शुक्रवार को जयपुर, अजमेर, चूरू, डूंगरपुर, बाड़मेर और एक दर्जन से अधिक शहरों में सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस के हैंडलर शहजाद भट्टी से कथित तौर पर जुड़े लोगों के परिसरों पर छापेमारी करते हुए पूछताछ के लिए लगभग 30 संदिग्धों को हिरासत में लिया।

एटीएस ने कहा कि उसका ऑपरेशन शुक्रवार शाम तक समाप्त होने की उम्मीद है। (एएनआई/प्रतिनिधि)
एटीएस ने कहा कि उसका ऑपरेशन शुक्रवार शाम तक समाप्त होने की उम्मीद है। (एएनआई/प्रतिनिधि)

यह छापेमारी दिल्ली पुलिस के उस बयान के एक दिन बाद हुई है जिसमें उन्होंने पंजाब निवासी शुभदीप सिंह (23), गुरजंत सिंह (22), साजन सिंह (28) और गगनप्रीत (24) की गिरफ्तारी के साथ भट्टी के इशारे पर काम करने वाले एक कथित अंतरराज्यीय आतंक और हथियार नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि चार में से एक ने कथित तौर पर राजधानी में पुलिस प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थानों की टोह ली। उन्होंने कहा कि मॉड्यूल को दिल्ली और पड़ोसी इलाकों में आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए भर्ती किया गया था और पता लगाने से बचने के लिए विदेशी फोन नंबरों का उपयोग करके अपने आकाओं के साथ संचार किया गया था।

राजस्थान एटीएस ने कहा कि भट्टी सोशल मीडिया का इस्तेमाल युवाओं को ऑनलाइन गेम, पैसे और गैंगस्टरों और आतंकवादियों से जुड़े ग्लैमर से लुभाने के लिए करता है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि वह फिर अपने नेटवर्क का विस्तार करता है और संवेदनशील स्थानों से संबंधित तस्वीरें और अन्य जानकारी मांगता है।

पुलिस अधीक्षक (एटीएस) मनीष त्रिपाठी ने कहा कि एजेंसी को भट्टी के सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़े राजस्थान के संदिग्धों के बारे में खुफिया जानकारी मिली है। उन्होंने कहा, ”इनपुट की पुष्टि के बाद हमने गुरुवार को ऑपरेशन शुरू किया।”

त्रिपाठी ने कहा कि एटीएस ने कार्रवाई से पहले भट्टी से सोशल मीडिया के जरिए जुड़े लोगों की एक सूची तैयार की थी। उन्होंने कहा कि जांचकर्ता इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या संदिग्धों के लिंक सोशल मीडिया तक ही सीमित थे या ऑनलाइन बातचीत से आगे तक फैले हुए थे। “अगर किसी व्यक्ति का कनेक्शन सोशल मीडिया तक सीमित पाया जाता है, तो पूछताछ के बाद उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण वापस कर दिए जाते हैं।”

त्रिपाठी ने कहा कि कुछ की भूमिका संदिग्ध सामने आई है। उन्होंने कहा, “उनकी पृष्ठभूमि, आपराधिक रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर उनसे और पूछताछ की जाएगी।” उन्होंने कहा कि ऑपरेशन शुक्रवार शाम तक समाप्त होने की उम्मीद है। जांच के तहत एटीएस संदिग्धों के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही थी।

22 जून को, एटीएस ने कहा कि उसने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी एक कथित संचालक बबीता उर्फ ​​खदीजा को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत जयपुर में गिरफ्तार किया। जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उसने एक जैश कमांडर से ऑनलाइन शादी की थी और पाकिस्तान भागने की योजना बना रही थी।

Source link

Digital Bharat News
Author: Digital Bharat News

Digital Bharat News डेस्क पर प्रकाशित प्रत्येक समाचार हमारी संपादकीय टीम की सख्त जांच-परख और सत्यापन प्रक्रिया से गुजरता है। हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, विशेष साक्षात्कार और रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा तथ्यों, स्रोतों और संदर्भों के आधार पर सावधानीपूर्वक सत्यापित किया जाता है। हमारा उद्देश्य पाठकों तक तेज़, निष्पक्ष, सटीक और भरोसेमंद समाचार पहुँचाना है, ताकि वे हर महत्वपूर्ण घटना की प्रमाणिक और संतुलित जानकारी प्राप्त कर सकें।

error: Content is protected !!