नई दिल्ली: पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण वाले E20 पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि E20 के इस्तेमाल से कुछ वाहनों का माइलेज 3% से 5% तक कम हो सकता है। हालांकि मंत्रालय का कहना है कि इसके बदले मिलने वाले ऊर्जा सुरक्षा, कम कार्बन उत्सर्जन और बेहतर इंजन प्रदर्शन जैसे फायदे अधिक महत्वपूर्ण हैं।

3–5% तक कम हो सकता है माइलेज
मंत्रालय के अनुसार, E20 पेट्रोल में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण होता है। एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से थोड़ी कम होने के कारण कुछ वाहनों में ईंधन दक्षता (माइलेज) 3–5% तक घट सकती है।
हालांकि सरकार का कहना है कि E20 को वर्षों तक वैज्ञानिक परीक्षण, वाहन निर्माताओं के साथ परामर्श और देश में एथेनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के बाद लागू किया गया है। मंत्रालय के अनुसार E20, E10 और सामान्य पेट्रोल की तुलना में अधिक स्वच्छ और बेहतर गुणवत्ता वाला ईंधन है।
प्रधानमंत्री मोदी ने की E20 नीति की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने 2025 में निर्धारित समय से पहले E20 ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल कर लिया। उनके अनुसार, वैश्विक ऊर्जा संकट और युद्ध जैसी परिस्थितियों में यह नीति भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने में मददगार साबित हुई है।
नितिन गडकरी ने क्या कहा?
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने E20 नीति का समर्थन करते हुए कहा कि:
- इस नीति से उन्हें कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं है।
- इसका उद्देश्य पेट्रोलियम आयात कम करना है।
- स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना और किसानों की आय बढ़ाना इसका प्रमुख लक्ष्य है।
क्या दूसरे देशों में भी इस्तेमाल होता है E20?
सरकार के अनुसार, ब्राजील वर्षों से E27 (27% एथेनॉल मिश्रण) का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहा है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वहां इंजन खराब होने जैसी कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है।
वहीं, नितिन गडकरी ने यह भी बताया कि ब्राजील में E100 (100% एथेनॉल) पर चलने वाले फ्लेक्स-फ्यूल वाहन भी लंबे समय से उपयोग में हैं।
अरविंद केजरीवाल ने उठाए सवाल
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर, हीरो मोटोकॉर्प सहित 29 ऑटो कंपनियों को पत्र लिखकर पूछा कि:
- क्या 2023 से पहले बनी गाड़ियों में E20 पेट्रोल सुरक्षित है?
- यदि नहीं, तो इससे होने वाले संभावित नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी?
क्या E20 से इंजन खराब होने पर इंश्योरेंस क्लेम नहीं मिलेगा?
सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंजन खराब होने पर बीमा क्लेम नहीं मिलेगा। इस पर PIB Fact Check ने स्पष्ट किया है कि:
- E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से मोटर वाहन बीमा (Insurance) पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
- E20 के कारण इंश्योरेंस क्लेम स्वतः खारिज नहीं किया जाता।
मुख्य बातें
- माइलेज: 3–5% तक कम हो सकता है।
- फायदे: कम प्रदूषण, ऊर्जा सुरक्षा, कच्चे तेल के आयात में कमी।
- ब्राजील: वर्षों से E27 और फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक का उपयोग।
- इंश्योरेंस: E20 के इस्तेमाल से बीमा क्लेम पर कोई असर नहीं पड़ता।
- सलाह: यदि आपकी गाड़ी 2023 से पहले की है, तो वाहन निर्माता की E20 संगतता (compatibility) की जानकारी अवश्य जांच लें।





