July 23, 2026 2:23 am

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अल्कोहल वाली दवाओं पर सरकार का बड़ा फैसला, बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी दवा

नशे के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन करते हुए बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ड्रग्स रूल्स (दसवां संशोधन) नियम, 2026 के तहत 12% से अधिक इथाइल अल्कोहल वाली और 30 मिलीलीटर से बड़ी पैकिंग वाली दवाओं को Schedule H1 के दायरे में शामिल कर दिया है। इसके बाद ऐसी दवाएं अब रजिस्टर्ड डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं बेची जा सकेंगी।

क्या बदलेगा?

  • 12% से अधिक इथाइल अल्कोहल और 30 मिलीलीटर से बड़ी पैकिंग वाली दवाएं अब Schedule H1 में रहेंगी।
  • इन दवाओं की बिक्री केवल डॉक्टर के वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही होगी।
  • इन्हें अब ओवर-द-काउंटर (OTC) दवाओं की तरह नहीं बेचा जा सकेगा।
  • नियम मुख्य रूप से कुछ कफ सिरप, हेल्थ टॉनिक और अन्य लिक्विड दवाओं पर लागू होंगे।

मेडिकल स्टोर को रखना होगा रिकॉर्ड

नए नियमों के तहत फार्मेसी संचालकों को इन दवाओं की बिक्री का अलग रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। रजिस्टर में निम्न जानकारी दर्ज करनी होगी—

  • मरीज का नाम
  • डॉक्टर का नाम
  • दवा का नाम और मात्रा
  • बिक्री का विवरण

कब से लागू होंगे नियम?

सरकार ने दवा कंपनियों और मेडिकल स्टोर संचालकों को तैयारी के लिए 6 महीने का समय दिया है।

  • इस दौरान दवा कंपनियों को लेबल और पैकेजिंग में आवश्यक बदलाव करने होंगे।
  • मेडिकल स्टोरों को रिकॉर्ड रखने और बिक्री प्रक्रिया को नए नियमों के अनुरूप बनाना होगा।
  • जनवरी 2027 से इन नियमों का पूरी तरह पालन अनिवार्य होगा।

सरकार ने यह कदम क्यों उठाया?

सरकार के अनुसार, कई अल्कोहल युक्त दवाओं, विशेषकर कुछ कफ सिरप और टॉनिक, का नशे के रूप में गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। कई राज्यों में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी और दुरुपयोग के मामले भी सामने आए हैं।

सरकार का मानना है कि नए नियमों से—

  • अल्कोहल युक्त दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगेगी।
  • नशे के लिए दवाओं की आसान उपलब्धता कम होगी।
  • दवाओं का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
  • मरीजों के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा होगी।

किन दवाओं पर असर पड़ेगा?

नए नियमों का असर मुख्य रूप से उन दवाओं पर होगा जिनमें अधिक मात्रा में इथाइल अल्कोहल का उपयोग किया जाता है, जैसे—

  • कुछ कफ सिरप
  • कुछ हेल्थ टॉनिक
  • कुछ होम्योपैथिक लिक्विड दवाएं

हालांकि, हर अल्कोहल युक्त दवा इस नियम के दायरे में नहीं आएगी। केवल निर्धारित सीमा (12% से अधिक अल्कोहल और 30 मिलीलीटर से बड़ी पैकिंग) वाली दवाओं पर ही यह व्यवस्था लागू होगी।

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Author: Digital Bharat News

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