October 21, 2026 4:12 am

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आज होगा असत्य पर सत्य की विजय, भारती इंटर कॉलेज खेल मैदान व छठ पूजा स्थल पर होगा रावण दहन विंढमगंज (सोनभद्र)। असत्य पर सत्य की विजय और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पर्व आज विंढमगंज क्षेत्र में धूमधाम से मनाया जाएगा। स्थानीय भारती इंटर कॉलेज के खेल मैदान एवं छठ पूजा स्थल पर विशालकाय रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। विंढमगंज में रावण दहन की यह ऐतिहासिक परंपरा करीब 50 वर्षों से चली आ रही है। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए सोनभद्र सहित आसपास के क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। विजयादशमी के अवसर पर दोनों स्थलों पर मेले को लेकर उत्साह का माहौल रहता है। क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं की आकर्षक झांकियां भी खेल मैदान में पहुंचती हैं। हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे इस आयोजन में शामिल होकर मेले की रौनक बढ़ाते हैं। राम-रावण युद्ध होगा आकर्षण का केंद्र रावण दहन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीराम और दशानन रावण के बीच होने वाला प्रतीकात्मक युद्ध होता है। युद्ध के अंतिम चरण में भगवान श्रीराम का बाण रावण के विशालकाय पुतले को धराशायी कर देता है। इसके साथ ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठता है और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश जन-जन तक पहुंचता है। राम जानकी मंदिर के कार्यकर्ताओं की रहती है अहम भूमिका इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में राम जानकी मंदिर के कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। कार्यकर्ता महीनों पहले से तैयारियों में जुट जाते हैं और अथक मेहनत से मेले को आकर्षक स्वरूप प्रदान करते हैं। रावण के विशालकाय पुतले के निर्माण से लेकर अन्य व्यवस्थाओं तक में आयोजन समिति के सदस्यों का योगदान सराहनीय रहता है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहता है। थाना प्रभारी अपने हमराहियों के साथ मौके पर मुस्तैद रहकर शांति व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ताकि श्रद्धालुओं और दर्शकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। विजयादशमी के अवसर पर विंढमगंज के दोनों आयोजन स्थलों पर उत्सव का माहौल देखने को मिलेगा। लोगों को उस ऐतिहासिक क्षण का इंतजार है, जब भगवान श्रीराम के बाण से रावण का विशालकाय पुतला धू-धू कर जलेगा और पूरा क्षेत्र असत्य पर सत्य की विजय के जयघोष से गूंज उठेगा।

राम-जानकी व मां काली मंदिर में दिखी बंगाल की संस्कृति, सिंदूर खेला कर मां दुर्गा को दी विदाई

विंढमगंज। दुर्गा पूजा के अवसर पर राम-जानकी मंदिर एवं मां काली मंदिर में बंगाल की सभ्यता और परंपरा की मनमोहक झलक देखने को मिली। मां दुर्गा के विसर्जन से पूर्व महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार खोइछा भराई की रस्म निभाई। मां के चरणों में प्रणाम कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। इसके बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर बंगाल की प्रसिद्ध सिंदूर खेला की परंपरा निभाई।

 

राम-जानकी मंदिर में ग्राम प्रधान तारा देवी, ज्योति केशरी, नैना गुप्ता, पूजा उपाध्याय, पुष्पा, पम्मी, काजल, साधना, लिया और लक्ष्मी सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं। महिलाओं ने मां दुर्गा की खोइछा भराई की रस्म में भाग लिया और पारंपरिक तरीके से मां को प्रणाम कर विदाई की रस्म निभाई।

वहीं, मां काली मंदिर में शालू जायसवाल, गुड़िया केशरी, शांति देवी, पम्मी जायसवाल, नेहा जायसवाल, सरोज जायसवाल और नीतू केशरी सहित अन्य महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान महिलाओं ने तरसा ढोल की थाप पर मां के दरबार में झूमकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। ढोल की गूंज और मां के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।

सिंदूर खेला के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की। मां दुर्गा के विसर्जन से पहले आयोजित इस पारंपरिक रस्म में महिलाओं का उत्साह देखते ही बना। मां की विदाई के भावुक क्षणों में श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर से मां के आगमन की कामना की। दोनों मंदिरों में आस्था, उल्लास और बंगाल की पारंपरिक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला।

Om prakash Rawat
Author: Om prakash Rawat

📰 पत्रकार | सामाजिक कार्यकर्ता 📍 विंढमगंज, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश ✍️ स्थानीय खबरों की आवाज़ 🤝 समाजहित एवं जनसमस्याओं के लिए हमेशा तत्पर 🏡 गांव, गरीब और आम जनता की बात 📢 सच, निष्पक्षता और जनसेवा मेरा संकल्प

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