तीन नाबालिग बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, ड्राइवर महासंघ ने मदद का दिया भरोसा
विंढमगंज थाना क्षेत्र के धरतीडोलवा निवासी गंभीरा पासवान (38) पुत्र नंदकिशोर पासवान की आकस्मिक मौत से परिवार में कोहराम मच गया। गंभीरा ड्राइविंग कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और कुछ दिनों से घर पर ही थे। अचानक उनकी मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

गंभीरा अपने पीछे दो बेटियां और एक बेटा, तीन नाबालिग बच्चों को छोड़ गए हैं। वह परिवार में इकलौते कमाने वाले थे। पिता की मौत के बाद बच्चों की परवरिश और परिवार के भविष्य को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ गई है। मां समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।घटना की जानकारी मिलने पर उत्तर प्रदेश ड्राइवर महासंघ से जुड़े ड्राइवर साथी मौके पर पहुंचे और शोकसभा कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान साथियों ने कहा कि ड्राइवर परिवार ने अपना एक भाई खो दिया है। दुख की इस घड़ी में महासंघ परिवार के साथ खड़ा है और परिजनों की हरसंभव मदद का प्रयास किया जाएगा। साथ ही ड्राइवरों से संगठन से जुड़ने की अपील की गई, ताकि जरूरत के समय सभी एक-दूसरे के काम आ सकें।गंभीरा पासवान का अंतिम संस्कार धरतीडोलवा, झारखंड बॉर्डर स्थित नदी तट पर किया गया।इस दौरान सुरेंद्र पासवान, दीपक कुमार गुप्ता, गिरवर पासवान, जवाहर पासवान, देव पासवान, धर्मेंद्र पासवान,सीता राम ,ओम रावत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।











