विंढमगंज। नागपंचमी के पावन अवसर पर विंढमगंज स्थित हनुमान मंदिर परिसर में सोमवार की शाम पारंपरिक कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। शाम करीब 4 बजे शुरू हुए इस दंगल में आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे पहलवानों ने अखाड़े में उतरकर अपने दांव-पेच और शारीरिक कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं दर्शक मंदिर परिसर में जुटे रहे।

कार्यक्रम की अगुवाई आनंद द्विवेदी ने की। दंगल का शुभारंभ विधिवत पूजा-पाठ के साथ किया गया। पूजा के बाद अखाड़े में पहलवानों के बीच मुकाबले शुरू हुए। सबसे पहले केवाल और घिवही क्षेत्र के पहलवानों ने अखाड़े में उतरकर एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। दोनों पहलवानों के बीच हुए मुकाबले को देखने के लिए दर्शकों में खासा उत्साह रहा।
जैसे-जैसे कुश्ती के मुकाबले आगे बढ़ते गए, मंदिर परिसर में दर्शकों की भीड़ भी बढ़ती गई। लोगों ने तालियां बजाकर पहलवानों का उत्साह बढ़ाया। अखाड़े में पहलवानों ने दांव-पेच लगाते हुए अपनी ताकत और कुशलता का प्रदर्शन किया। नागपंचमी के अवसर पर आयोजित इस पारंपरिक दंगल ने क्षेत्र की पुरानी खेल एवं कुश्ती परंपरा की याद ताजा कर दी।
दंगल का आयोजन देर शाम करीब 6 बजे तक चलता रहा। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को आयोजकों की ओर से नगद पुरस्कार एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संचालक अछेवर नाथ, संजीत गुप्ता सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों ने बताया कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने का भी काम करते हैं।नागपंचमी के अवसर पर आयोजित कुश्ती दंगल को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। दर्शकों ने पहलवानों के मुकाबलों का आनंद लिया और विजेता पहलवानों का उत्साहवर्धन किया।










