सोनभद्र। परिषदीय विद्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से उपलब्ध कराई जा रही स्वच्छता सामग्री को लेकर कुछ विद्यालयों के शिक्षकों में असमंजस की स्थिति सामने आई है। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सामग्री की मात्रा और दी गई सूची में दर्ज मात्रा में अंतर दिखाई दे रहा है।शिक्षकों के अनुसार, उन्हें स्वच्छता सामग्री की एक सूची दी गई है, जिसमें विभिन्न सामग्री की मात्रा और दर का विवरण दर्ज है।

वहीं विद्यालयों में पहुंचाई जा रही सामग्री को देखने पर कुछ सामग्री सूची में निर्धारित मात्रा से कम दिखाई दे रही है। इस कारण शिक्षक सामग्री प्राप्त करने से पहले उसकी मात्रा का मिलान करना चाहते हैं।शिक्षकों का कहना है कि सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को स्पष्ट और पारदर्शी रखा जाए, ताकि विद्यालयों को सूची के अनुसार पूरी सामग्री प्राप्त हो सके। उनका कहना है कि यदि किसी सामग्री की मात्रा में परिवर्तन किया गया है तो उसका स्पष्ट आदेश या विवरण भी विद्यालयों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए।मामले को लेकर शिक्षकों की मांग है कि संबंधित विभाग द्वारा विद्यालयों में पहुंचाई गई सामग्री का सूची के अनुसार भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही सामग्री की मात्रा, गुणवत्ता और निर्धारित दर का मिलान कराकर स्थिति स्पष्ट की जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।विद्यालयों में स्वच्छता सामग्री सीधे तौर पर बच्चों और विद्यालय परिसर की साफ-सफाई से जुड़ी है। ऐसे में जरूरी है कि सामग्री की आपूर्ति निर्धारित मानकों के अनुसार हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।शिक्षकों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि विद्यालयों को निर्धारित सामग्री सही मात्रा में उपलब्ध कराना और व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना है। संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक जांच एवं सत्यापन कराकर स्थिति स्पष्ट की जाए।










