संसद के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को संसद पुस्तकालय भवन के जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई अहम मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि NEET प्रश्नपत्र लीक मामले में सरकार ने तत्काल कार्रवाई की और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) में किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

NEET पेपर लीक पर सरकार का रुख
बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा, जैसे ही NEET परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिली, सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बिना देरी के दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई और परिणाम भी घोषित किए गए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार कर रही है। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने पर जोर दिया।
FTA में किसानों के हित सर्वोपरि
प्रधानमंत्री ने हाल के महीनों में भारत की उपलब्धियों और विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर FTA में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और ऐसे किसी भी समझौते से किसानों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना था कि इन समझौतों का उद्देश्य किसानों और देश, दोनों के दीर्घकालिक हितों को मजबूत करना है।
विपक्ष से सहयोग की अपील
पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए मानसून सत्र के दौरान सकारात्मक भूमिका निभाएगा और राष्ट्रीय हित से जुड़े विधेयकों को पारित कराने के लिए पूरी एकजुटता के साथ काम करेगा। उन्होंने विपक्ष से भी आग्रह किया कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन देश, युवाओं और भविष्य के हित में सभी दलों को मिलकर काम करना चाहिए।
संसद सत्र की रणनीति पर चर्चा
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा एनडीए के सभी प्रमुख सहयोगी दलों के सांसद और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस दौरान मानसून सत्र की रणनीति, सरकार के विधायी एजेंडे, विभिन्न राजनीतिक मुद्दों तथा सदन में सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही सरकार के पक्ष को एकजुट होकर प्रभावी ढंग से रखने पर भी जोर दिया गया।





