नई दिल्ली: भारत में तंबाकू की लत से जूझ रहे करोड़ों लोगों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार की नि:शुल्क राष्ट्रीय तंबाकू त्याग परामर्श सेवा (National Tobacco Quitline) लोगों को विशेषज्ञ सलाह, व्यक्तिगत परामर्श और नियमित फॉलो-अप के जरिए तंबाकू छोड़ने में मदद कर रही है। इस हेल्पलाइन की सहायता से अब तक 6.5 लाख से अधिक लोगों को परामर्श दिया जा चुका है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, देश में हर साल करीब 13 लाख लोगों की मौत तंबाकू सेवन से जुड़ी बीमारियों के कारण होती है। भारत में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के लगभग 26.7 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं।
फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800-112-356
तंबाकू छोड़ने की इच्छा रखने वाले लोग या उनके परिवारजन 1800-112-356 पर नि:शुल्क संपर्क कर सकते हैं। यहां प्रशिक्षित परामर्शदाता व्यक्ति की स्थिति का आकलन कर उसके लिए व्यक्तिगत तंबाकू त्याग योजना तैयार करते हैं। यह सेवा हिंदी, अंग्रेज़ी और 15 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।
2016 से चल रही है राष्ट्रीय सेवा
यह राष्ट्रीय तंबाकू त्याग परामर्श सेवा वर्ष 2016 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर शुरू की गई थी। इसका संचालन दिल्ली स्थित वल्लभभाई पटेल वक्ष संस्थान द्वारा किया जाता है।
संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2016 से अप्रैल 2026 के बीच 6.5 लाख से अधिक लोगों ने इस सेवा का लाभ लिया। इनमें लगभग 34.5 प्रतिशत लोग लगातार परामर्श और सहयोग के बाद तंबाकू छोड़ने में सफल रहे।
युवाओं में सबसे अधिक सफलता
मई 2016 से अप्रैल 2024 के आंकड़ों के अनुसार, 18 से 24 वर्ष आयु वर्ग में तंबाकू छोड़ने की सफलता सबसे अधिक रही। इस आयु वर्ग के लगभग 47 प्रतिशत युवाओं ने परामर्श के बाद तंबाकू का सेवन छोड़ दिया।
तीन क्षेत्रीय केंद्रों से भी मिल रही मदद
वर्ष 2018 से इस सेवा का विस्तार तीन क्षेत्रीय केंद्रों तक किया गया है—
- गुवाहाटी का डॉ. भुवनेश्वर बरूआ कैंसर संस्थान
- बेंगलुरु का राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS)
- मुंबई का टाटा मेमोरियल सेंटर
इन केंद्रों पर भी स्थानीय भाषाओं में परामर्श उपलब्ध कराया जाता है।
कैसे काम करती है यह सेवा?
हेल्पलाइन पर संपर्क करने के बाद प्रशिक्षित परामर्शदाता पहले व्यक्ति का पंजीकरण और उसकी तंबाकू सेवन की आदत का आकलन करते हैं। इसके बाद वे—
- तंबाकू छोड़ने की व्यक्तिगत योजना बनाते हैं।
- छोड़ने की एक निश्चित तारीख तय कराते हैं।
- तलब (Craving) और वापसी के लक्षणों से निपटने के उपाय बताते हैं।
- नियमित फोन कॉल के जरिए फॉलो-अप करते हैं ताकि व्यक्ति दोबारा तंबाकू की ओर न लौटे।
यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक और गोपनीय होती है।
तंबाकू छोड़ने के तुरंत दिखते हैं फायदे
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार तंबाकू छोड़ने के लाभ बहुत जल्दी दिखाई देने लगते हैं।
- 20 मिनट बाद: हृदय गति और रक्तचाप सामान्य होने लगते हैं।
- 12 घंटे बाद: रक्त में कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर सामान्य हो जाता है।
- 2 से 12 सप्ताह में: रक्त संचार और फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होने लगती है।
- 1 वर्ष बाद: हृदय रोग का खतरा लगभग आधा रह जाता है।
- 5 वर्ष बाद: स्ट्रोक का जोखिम काफी कम हो जाता है।
- 10 वर्ष बाद: फेफड़े, मुंह, गले और कई अन्य कैंसर का खतरा कम हो जाता है।
- 15 वर्ष बाद: हृदय रोग का जोखिम लगभग धूम्रपान न करने वाले व्यक्ति के बराबर हो जाता है।
डॉक्टरों का संदेश
वल्लभभाई पटेल वक्ष संस्थान के निदेशक डॉ. राज कुमार का कहना है कि तंबाकू छोड़ना केवल इच्छाशक्ति का नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग का भी विषय है। विशेषज्ञ व्यक्ति की मनोवैज्ञानिक और व्यवहारिक चुनौतियों को समझकर उसे लत से बाहर निकलने में मदद करते हैं।
निष्कर्ष
तंबाकू छोड़ना मुश्किल जरूर हो सकता है, लेकिन अकेले संघर्ष करने की जरूरत नहीं है। यदि आप या आपका कोई परिचित तंबाकू की लत छोड़ना चाहता है, तो सरकार की नि:शुल्क राष्ट्रीय तंबाकू त्याग हेल्पलाइन 1800-112-356 पर संपर्क कर विशेषज्ञों की सहायता प्राप्त कर सकता है। सही समय पर उठाया गया यह कदम बेहतर स्वास्थ्य और लंबी जिंदगी की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।





