भारतीय रेलवे ने अपने डिजिटल टिकटिंग सिस्टम को अत्याधुनिक तकनीक से अपग्रेड करते हुए RailOne ऐप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नई सुविधा शुरू की है। अब यात्री टिकट बुक करते समय यह जान सकेंगे कि उनकी वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की कितनी संभावना है। रेलवे का दावा है कि इस फीचर की सटीकता पहले के 53 प्रतिशत से बढ़कर अब 94 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

88% टिकट अब ऑनलाइन बुक
भारतीय रेलवे ने वर्ष 2002 में ऑनलाइन टिकट बुकिंग की शुरुआत की थी। आज देश में करीब 88 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन माध्यमों से बुक किए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिली है।
RailOne ऐप बन रहा यात्रियों की पहली पसंद
पिछले वर्ष जुलाई में लॉन्च हुआ RailOne ऐप तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। एक साल से भी कम समय में इसे 3.5 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है। यह ऐप केवल टिकट बुकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि रेलवे की लगभग सभी प्रमुख सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है।
AI करेगा वेटिंग टिकट का अनुमान
RailOne ऐप में जोड़ा गया AI फीचर टिकट बुकिंग के दौरान वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना का अनुमान लगाता है। रेलवे के अनुसार, इस तकनीक की सटीकता अब 94 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
एक ही ऐप में मिलेंगी कई सुविधाएं
RailOne ऐप के जरिए यात्री:
- आरक्षित (Reserved) टिकट बुक कर सकते हैं।
- अनारक्षित (Unreserved) और प्लेटफॉर्म टिकट ले सकते हैं।
- टिकट कैंसिल और रिफंड की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
- लाइव ट्रेन स्टेटस, टाइम टेबल, प्लेटफॉर्म नंबर और कोच पोजिशन देख सकते हैं।
- वेटिंग स्टेटस की जानकारी पा सकते हैं।
- Rail Madad के जरिए शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- यात्रा के दौरान सीट पर भोजन ऑर्डर कर सकते हैं।
रोजाना 9 लाख से ज्यादा टिकट बुक
रेलवे के मुताबिक, RailOne ऐप से प्रतिदिन 9.29 लाख से अधिक टिकट बुक किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 7.20 लाख अनारक्षित और 2.09 लाख आरक्षित टिकट शामिल हैं। अब तक ऐप को Google Play Store पर 3.16 करोड़ और Apple iOS पर 33.17 लाख से अधिक डाउनलोड मिल चुके हैं।
यात्रियों को मिल रही 43% तक सब्सिडी
भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2024-25 में यात्री किराए पर 60,239 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी। इसके चलते यात्रियों को औसतन 43 प्रतिशत तक किराया छूट मिल रही है। यानी यदि किसी यात्रा की वास्तविक लागत 100 रुपये है, तो यात्री को औसतन केवल 57 रुपये ही भुगतान करने पड़ते हैं।
निष्कर्ष:
RailOne ऐप भारतीय रेलवे की डिजिटल सेवाओं को एक नई दिशा दे रहा है। AI आधारित वेटिंग टिकट प्रेडिक्शन, आसान टिकट बुकिंग और एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कई सुविधाएं यात्रियों के लिए यात्रा को पहले से अधिक सुविधाजनक और स्मार्ट बना रही हैं।





