कोन/सोनभद्र। क्षेत्र के विभिन्न गांवों में इन दिनों कबाड़ खरीदने वाले लोग घर-घर और गांव-गांव घूमते नजर आ रहे हैं। कबाड़ खरीदना सामान्य रूप से एक वैध व्यवसाय हो सकता है, लेकिन स्थानीय ग्रामवासियों का कहना है कि घरों से कबाड़ खरीदने वाले व्यक्तियों के पास आवश्यक पहचान एवं कारोबार संबंधी अनुमति है या नहीं, इसकी जानकारी आम लोगों को नहीं रहती।

ग्रामवासियों का कहना है कि कबाड़ी घर-घर पहुंचकर पुराने लोहे, प्लास्टिक, इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित अन्य सामग्री खरीदते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि संबंधित व्यक्ति की पहचान स्पष्ट हो तथा वह नियमानुसार कारोबार कर रहा हो। विशेष रूप से चोरी की घटनाओं को देखते हुए ग्रामवासियों ने कबाड़ खरीदने वालों की गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है।
स्थानीय ग्रामवासियों ने प्रशासन एवं पुलिस विभाग से अपील की है कि क्षेत्र में घूमकर कबाड़ खरीदने वाले व्यक्तियों के पहचान पत्र, कारोबार संबंधी दस्तावेज और आवश्यक स्थानीय अनुमति की जांच कराई जाए। साथ ही ग्रामीणों को भी सलाह दी गई है कि किसी संदिग्ध व्यक्ति को अपना सामान बेचने से पहले उसकी पहचान की जानकारी अवश्य लें और संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
ग्रामवासियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी वैध व्यवसाय को रोकना नहीं है, बल्कि गांवों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाना है। ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि कबाड़ खरीदने वालों और आम लोगों दोनों को नियमों की जानकारी हो सके।











