(दुद्धी सोनभद्र रिपोर्ट नितेश कुमार)
विंढमगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत में आज दिनांक 30 जुलाई, गुरुवार को मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी उर्फ़ ‘बबलु चौधरी’ ने सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर में विभिन्न धार्मिक यात्राओं पर निकलने वाले श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इन आध्यात्मिक यात्राओं के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन में निस्वार्थ भाव से सेवा करने वाले सभी लोगों की भी मुक्त कंठ से सराहना की।
उन्होंने कहा, “जब कोई धार्मिक यात्रा पर निकलता है, तो सबसे पहला भाव यही उठता है कि ‘चलो चलें, हमें बुलाया गया है।’ यही भावना हमारी यात्रा की आत्मा है। ये धार्मिक यात्राएं शरीर को अनुशासित करने, हृदय को शुद्ध करने, आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देने तथा ईश्वर से जुड़ने का सशक्त माध्यम हैं।”
उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राएं केवल व्यक्तिगत आध्यात्मिक संतुष्टि तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामूहिक सेवा और सामाजिक समर्पण का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
उन्होंने कहा, “इन यात्राओं का एक और महत्वपूर्ण पहलू सेवा का महान अनुष्ठान है। जब भी कोई तीर्थयात्रा होती है, तीर्थयात्रियों की सेवा में स्वयं यात्रियों से कहीं अधिक लोग जुटे होते हैं। जगह-जगह नि:शुल्क भंडारे लगाए जाते हैं, पेयजल की व्यवस्था की जाती है, चिकित्सा शिविर संचालित होते हैं तथा श्रद्धालुओं के लिए आवास और विश्राम की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यह हमारी भारतीय संस्कृति के सेवा और समर्पण के भाव का जीवंत उदाहरण है।”
मंडल अध्यक्ष ने लंबे अंतराल के बाद कांवड़ यात्रा के पुनः आरंभ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सावन माह के शुभ अवसर पर शुरू होने वाली यह यात्रा देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है।
उन्होंने कहा, “पवित्र कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से प्रारंभ हो रही है और सावन का पावन महीना भी आरंभ हो चुका है। यह यात्रा देश के सबसे बड़े आस्था पर्वों में से एक है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित करने के लिए विभिन्न शिवधामों की ओर प्रस्थान करते हैं।”
उन्होंने इन धार्मिक आयोजनों में दिखाई देने वाली राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता की सराहना करते हुए कहा, “ये यात्राएं ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करती हैं।”
अपने संदेश के अंत में मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ‘बबलु चौधरी’ ने कहा, “जब हम पूरी श्रद्धा, अनुशासन और सेवा भाव के साथ इन तीर्थयात्राओं में सहभागी बनते हैं, तभी हमें इनके वास्तविक आध्यात्मिक फल की प्राप्ति होती है। विभिन्न धार्मिक यात्राओं पर जा रहे सभी सौभाग्यशाली श्रद्धालुओं को मैं अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। साथ ही, उन सभी सेवा-भावी लोगों का भी अभिनंदन करता हूं जो इन यात्राओं को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने में दिन-रात जुटे हुए हैं।”





