दुद्धी (सोनभद्र)।तहसील क्षेत्र के अधिवक्ताओं के मान-सम्मान और सुरक्षा को लेकर दुद्धी बार एसोसिएशन एवं सिविल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एक स्वर में हुंकार भरी है। दोनों संघों की संयुक्त बैठक में लिए गए निर्णय के बाद अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित तीन सूत्रीय मांग पत्र उप जिलाधिकारी (एसडीएम) दुद्धी अशोक कुमार गुप्ता के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह को सौंपा।ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार से निम्नलिखित मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर उन्हें तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की है।

हड़ताल न करने की बाध्यता हो समाप्त-
अधिवक्ताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की आड़ में बार काउंसिल ऑफ इंडिया, बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश एवं जनपद न्यायालय स्तर पर वकीलों से जो ‘हड़ताल न करने’ की अंडरटेकिंग (सहमति पत्र) ली जा रही है, उसकी बाध्यता को तुरंत खत्म किया जाए।
अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम तत्काल हो लागू
राज्य में वकीलों के खिलाफ बढ़ती हिंसक घटनाओं को देखते हुए ‘उत्तर प्रदेश अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम’ (Advocate Protection Act) को बिना किसी देरी के लागू किया जाए ताकि अधिवक्ता निडर होकर काम कर सकें।

एडवोकेट एक्ट 1961 में हो संशोधन
बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा अधिवक्ताओं के कल्याण और व्यापक हित में ‘एडवोकेट एक्ट 1961’ में जो संशोधन बिल प्रस्तावित किया गया है, उसे अविलंब अमलीजामा पहनाया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान दोनों बार एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य और बड़ी संख्या में युवा अधिवक्ता मौजूद रहे। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो वे आगे की रणनीति तय करने को बाध्य होंगे।











