कोन (सोनभद्र)। थाना कोन क्षेत्र के ग्राम पंचायत पीपरखाड़ की लगभग 4,000 की आबादी आज भी जर्जर सड़क की समस्या से जूझ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह टूट चुकी है, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो गया है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और आम लोगों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क का निर्माण लगभग 15–20 वर्ष पूर्व संभवतः PWD,या प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत हुआ था, लेकिन उसके बाद आज तक न तो इसका पुनर्निर्माण हुआ और न ही मरम्मत। सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
ग्रामीणों द्वारा 20 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी सोनभद्र के नाम से ऑनलाइन के माध्यम से शिकायत भी दी गई, लेकिन अब तक किसी सक्षम अधिकारी द्वारा न तो निरीक्षण किया गया और न ही कोई आश्वासन मिला। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण की मांग की। प्रदर्शन में दानी मेहता, मुकेश कुमार, रोहन बरेजा, नवलेश कुमार, चंद्रशेखर गुप्ता, अजीत कुमार, शिवम कुमार तथा अमृत कुमार सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो वे व्यापक जनआंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस बदहाल सड़क की जिम्मेदारी कौन लेगा और पीपरखाड़ के लोगों का वर्षों पुराना इंतजार कब खत्म होगा?










