August 9, 2026 8:45 pm

Written By

Share करें

✓ Link copy हो गया!

सम्बंधित जानकारी

विश्व आदिवासी दिवस पर उमड़ा जनसैलाब

विश्व आदिवासी दिवस पर उमड़ा जनसैलाब
– समस्याओं के साए में जीने को मजबूर ग्रामीण

सोनभद्र ब्यूरो चीफ दिनेश उपाध्याय-(ओबरा/सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)डिजिटल भारत न्यूज 24×7 LIVE
ओबरा।सोनभद्र।विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जनपद सोनभद्र के ओबरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पनारी ग्राम पंचायत के खरड़ गांव में आदिवासी समाज के लोगों द्वारा एक सामाजिक चेतना कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत उत्साह, उमंग और धूमधाम के साथ किया गया। उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक आदिवासी आबादी वाले इस आकांक्षी जिले के पनारी ग्राम पंचायत (कुल 63 टोले) से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया।समारोह में अतिथियों का पारंपरिक स्वागत कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10:00 बजे से हुआ। ओबरा विधायक तथा उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण एवं जनजाति कल्याण मंत्री माननीय संजीव सिंह गोंड मुख्य अतिथि के रूप में दोपहर 4:00 बजे पहुंचे। इससे पूर्व वे बभनी स्थित जनजातीय कार्यक्रम में सम्मिलित रहे। कार्यक्रम में एसटी/एससी आयोग के प्रदेश उपाध्यक्ष (दर्जा प्राप्त मंत्री) अजीत सिंह खरवार भी उपस्थित रहे।अतिथियों का स्वागत पारंपरिक तीर-धनुष, ढोल-नगाड़ों, कर्मा नृत्य तथा पेड़-पौधों की पत्तियों और फूलों से बनी माला पहनाकर आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार किया गया। स्थल पर स्थित प्रतिमा के समक्ष पारंपरिक पूजन और आरती का विधान संपन्न हुआ।विकास के दावों के बीच पनारी की ज़मीनी बदहाली एक ओर जहां आदिवासी दिवस पर चेतना और संस्कृति का उत्सव मनाया गया, वहीं दूसरी ओर पनारी ग्राम पंचायत की ज़मीनी हकीकत गंभीर समस्याओं की कहानी बयां करती है।पेयजल संकट (हर घर नल योजना निष्प्रभावी): ग्रामीणों का आरोप है कि ‘हर घर नल’ योजना के तहत नल लगे 4 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन पानी की आपूर्ति ठप है। जहां आपूर्ति होती भी है, वहां सप्ताह में केवल 2-4 दिन ही अनियमित पानी आता है। बार-बार शिकायत के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।आवास एवं बिजली की जर्जर स्थिति: प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत बने मकान अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं। इसके अतिरिक्त कई टोले अब तक बिजली कनेक्शन के लिए तरस रहे हैं।

नेटवर्क और कनेक्टिविटी की समस्या: क्षेत्र में लंबे समय से मोबाइल नेटवर्क की भारी किल्लत है, जिससे ग्रामीण बाहरी दुनिया और डिजिटल सेवाओं से पूरी तरह कटे हुए हैं।परिवहन की लाचारी: क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बदहाल है। पूर्व में संचालित पैसेंजर ट्रेन लंबे समय से बंद है। मजबूरी में ग्रामीण पिकअप गाड़ियों में 30 से 40 की संख्या में भेड़ों की तरह ठंसकर यात्रा करते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।कृषि एवं सिंचाई में अनियमितता: पथरीली भूमि होने के कारण खेती-किसानी से आजीविका चलाना कठिन है। आरोप है कि लघु सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता का अभाव है। उदाहरण के तौर पर, वर्ष 2022 में ग्रामीण राममनोज के घर पर खोदा गया कुआं मात्र 32 फीट पर ही छोड़ दिया गया, जिससे पानी नहीं निकला। शिकायत के बावजूद कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई।विश्व आदिवासी दिवस के इस आयोजन ने जहां एक तरफ जनजातीय संस्कृति और चेतना को मंच दिया, वहीं दूसरी तरफ आकांक्षी जिले के इन दुर्गम क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की त्वरित बहाली की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

DINESH UPADHYAY
Author: DINESH UPADHYAY

सोनभद्र ब्यूरो चीफ: दिनेश उपाध्याय (ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश) Digital Bharat News - एक विश्वसनीय वेब-आधारित डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है, जो निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित है। हमारा उद्देश्य देश, प्रदेश और स्थानीय स्तर की ताज़ा, सटीक एवं विश्वसनीय खबरों को जनता तक तेज़ी से पहुँचाना, जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाना तथा समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा देना है। 🌐 Website: https://digitalbharatnews.com/ Digital Bharat News – सच के साथ, हर पल आपके साथ।

error: Content is protected !!