(दुद्धी सोनभद्र रिपोर्ट नितेश कुमार)
दुद्धी (सोनभद्र)। कोतवाली क्षेत्र के बघाडू गांव में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब शौच के लिए घर से बाहर गए 50 वर्षीय जगदीश पुत्र स्व. रामदेव को घास में छिपे रसेल वाइपर सर्प ने बाएं पैर में डस लिया। सर्पदंश के बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय करीब चार-पांच घंटे तक घर पर ही झाड़-फूंक कराते रहे। इस दौरान उनकी हालत बिगड़ने लगी और पैर में सूजन बढ़ती गई।
जानकारी के अनुसार घटना गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। जगदीश घर के बाहर शौच के लिए गए थे। इसी दौरान घास में छिपे जहरीले सर्प ने उनके बाएं पैर में काट लिया। घटना के बाद परिजन उन्हें झाड़-फूंक के लिए ले गए। करीब पांच घंटे बाद जब हालत गंभीर होने लगी और पैर में तेजी से सूजन बढ़ी तो परिजनों को अस्पताल ले जाने की चिंता हुई।
सूचना मिलने पर 102 एंबुलेंस के चालक हीरालाल मौके पर पहुंचे और मरीज को सुरक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचाया। यहां चिकित्सक डॉ. विनोद सिंह ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया और मरीज की निगरानी की जा रही है।
चिकित्सक के अनुसार अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के कारण सर्पदंश से प्रभावित पैर के घाव को ठीक होने में चार-पांच दिन तक का समय लग सकता है। फिलहाल मरीज की हालत नियंत्रण में बताई जा रही है और सीएचसी में उपचार जारी है।
चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद न करें और पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं, ताकि समय रहते उचित उपचार मिल सके।





