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90 के दशक में बॉलीवुड में एक्शन हीरो का बोलबाला था. वहीं चॉकलेटी और शहरी किरदारों का दौर भी शुरू हो रहा था. जब भी सुनील शेट्टी की रफ एंड टफ इमेज और सैफ अली खान का चार्म बॉक्स ऑफिस पर साथ आता था, तो दर्शकों का खूब मनोरंजन होता था. इन दोनों स्टार्स ने अपने करियर में 5 फिल्मों में स्क्रीन स्पेस शेयर किया. 1993 में आई उनकी पहली फिल्म ‘पहचान’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था, जबकि 1995 में आई एक्शन-कॉमेडी ‘सुरक्षा’ ने दर्शकों का दिल जीत लिया था.
नई दिल्ली. 90 का दशक बॉलीवुड के लिए वह दौर था, जब दो हीरो वाली फिल्में बहुत हिट होती थीं. दर्शक अपने दो पसंदीदा सुपरस्टार को एक ही टिकट पर अलग-अलग रोल में देखने के लिए बेसब्री से तरसते थे. इसी दौर में एक अनोखी जोड़ी सामने आई, जो दो बिल्कुल अलग कल्चर और स्टाइल को दिखाती थी. एक तरफ सुनील शेट्टी थे, जो अपने जबरदस्त एक्शन से दर्शकों को रोमांचित करते थे और दूसरी तरफ सैफ अली खान थे, जो स्टाइलिश, चॉकलेटी आंखों वाले, विदेश से पढ़े-लिखे और अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए जाने जाते थे.

इन दोनों एक्टर्स ने 5 फिल्मों में लीड रोल में साथ काम किया है. इन पांचों फिल्मों की परफॉर्मेंस काफी दिलचस्प है. हालांकि इस जोड़ी ने शुरुआत में लगातार दो बड़ी सफलताएं देखीं, लेकिन अगले सालों में उन्हें बॉक्स ऑफिस पर असफलता का भी सामना करना पड़ा. आइए सुनील शेट्टी और सैफ अली खान के इस फिल्मी सफर पर करीब से नजर डालते हैं.

1. पहचान (1993): 1992 की फिल्म ‘बलवान’ से बॉलीवुड में एंट्री करने वाले सुनील शेट्टी अपनी पहली ही फिल्म से ‘एक्शन किंग’ बन चुके थे. वहीं, सैफ अली खान खुद को जमाने के लिए स्ट्रगल कर रहे थे. 1993 में डायरेक्टर दीपक शिवदासानी ने इन दो बिल्कुल अलग मिजाज वाले एक्टर्स को एक साथ लाकर फिल्म ‘पहचान’ बनाई. इसमें शिल्पा शिरोडकर और मधु खान भी लीड रोल में थीं. यह फिल्म पूरी तरह से एक्शन-फैमिली ड्रामा थी, जिसमें भाईचारा, बदला और इंसाफ की लड़ाई दिखाई गई थी. सुनील शेट्टी का एंग्री मैन लुक और सैफ अली खान की सीरियस परफॉर्मेंस ने दर्शकों को खूब पसंद आई. जब फिल्म थिएटर में रिलीज हुई, तो इसने इतनी पॉपुलैरिटी हासिल की कि सिंगल स्क्रीन के बाहर भी टिकटें बिक गईं. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपने बजट से कई गुना ज्यादा कमाई की और बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी हिट साबित हुई
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2. सुरक्षा (1995): ‘पहचान’ की जबरदस्त सफलता के ठीक 2 साल बाद, डायरेक्टर राजू मवानी ने एक बार फिर इस लकी जोड़ी पर भरोसा किया और 1995 में ‘सुरक्षा’ लेकर आए. यह फिल्म सिर्फ एक्शन ही नहीं थी, बल्कि इसमें कॉमेडी और सस्पेंस का भी तड़का था जिसने इसे युवाओं के बीच एक कल्ट फिल्म बना दिया. सैफ अली खान ने अमर नाम के एक बेफिक्र और अजीब लड़के का रोल किया, जबकि सुनील शेट्टी राजा नाम के एक टफ और ईमानदार फाइटर के रोल में दिखे. फिल्म में आदित्य पंचोली, दिव्या दत्ता और मोनिका बेदी ने भी अहम रोल निभाए थे. ‘सुरक्षा’ की सबसे बड़ी यूएसपी दोनों एक्टर्स के बीच ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री थी. सैफ ने अपने डायलॉग से दर्शकों को हंसाया, तो सुनील शेट्टी ने अपने दमदार स्टंट से थिएटर में तालियां बटोरीं. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा परफॉर्म किया और दर्शकों का दिल पूरी तरह जीत लिया.

3. एक था राजा (1996): 1996 की फिल्म ‘एक था राजा’ के मेकर्स ने एक बड़ा जुआ खेला. उन्होंने सुनील शेट्टी और सैफ अली खान के साथ उस दौर के एक और एक्शन स्टार आदित्य पंचोली को कास्ट किया. यह एक फैमिली-ओरिएंटेड क्राइम ड्रामा थी जिसमें बड़ी स्टार कास्ट थी. लेकिन, फिल्म के साथ दिक्कत यह थी कि इसका स्क्रीनप्ले बहुत पुराना और कमजोर था. डायरेक्शन में भी दर्शकों को बांधे रखने की धार नहीं थी और फिल्म का मिलाजुला असर बॉक्स ऑफिस पर देखने को मिला.

4. हमसे बढ़कर कौन (1998): 1998 में रिलीज हुई ‘हमसे बढ़कर कौन’ सुनील शेट्टी और सैफ अली खान की एक बड़ी फिल्म थी. दीपक आनंद के डायरेक्शन में बनी इस हाई-वोल्टेज एक्शन-मसाला फिल्म में रजा मुराद, बीना बनर्जी और रंजीत जैसे पुराने एक्टर थे. मजबूत कास्ट और बेहतरीन फाइट सीन की वजह से इस कमर्शियल एंटरटेनर ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म किया और दर्शकों का खूब मनोरंजन किया.

5. एलओसी कारगिल (2003): सुनील और सैफ के कोलेबोरेशन का आखिरी और सबसे बड़ा चैप्टर 2003 में लिखा गया. डायरेक्टर जेपी दत्ता ने कारगिल युद्ध के बहादुर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए ‘एलओसी कारगिल’ नाम की एक मेगा-बजट फिल्म बनाई. इस मल्टी-स्टारर फिल्म के लिए आधी फिल्म इंडस्ट्री मौजूद थी, लेकिन इस फिल्म के लिए साल 2003 सुनील-सैफ की जोड़ी के लिए एक ग्रहण बनकर सामने आया. फिल्म में सुनील शेट्टी ने परमवीर चक्र अवॉर्डी राइफलमैन संजय कुमार का रोल किया था और सैफ अली खान ने वीर चक्र अवॉर्डी कैप्टन अनुज नायर का रोल किया था. दोनों एक्टर्स ने मिलिट्री यूनिफॉर्म में शानदार और दिल को छू लेने वाली परफॉर्मेंस दी. लड़ाई के सीन में उनका जोश साफ दिख रहा था. लेकिन, फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी बहुत ज्यादा लंबाई. क्रिटिक्स की तारीफ के बावजूद, फिल्म ज्यादा देर तक थिएटर में दर्शकों को रोक नहीं पाई और अपने ज्यादा बजट की वजह से यह बॉक्स ऑफिस पर अपनी लागत भी नहीं निकाल पाई, जिससे यह एक बहुत बड़ी ‘फ्लॉप’ साबित हुई.













