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FIFA World Cup: जर्मनी को तगड़ा झटका, निको श्लोटरबेक पूरे फीफा वर्ल्ड कप से हुए बाहर

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Published On: June 23, 2026

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Nico Schlotterbeck ruled out of fifa world cup 2026: जर्मनी ने सोमवार को एक बयान में कहा, “श्लोटरबेक के बाएं टखने के मीडियल कोलेटरल लिगामेंट में चोट लगी है. वह कई महीनों तक टीम से बाहर रहेंगे. जर्मनी की टीम के डिफेंडर और बोरुसिया डॉर्टमुंड के खिलाड़ी श्लोटरबेक फिलहाल यूएसए में टीम के साथ ही रहेंगे.”

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निको श्लोटरबेक फीफा वर्ल्ड कप से बाहर.

नई दिल्ली. फीफा वर्ल्ड कप 2026 अभियान के बीच जर्मनी को एक बड़ा झटका लगा है. सेंट्रल डिफेंडर निको श्लोटरबेक टखने के लिगामेंट में चोट के कारण शेष टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. बोरुसिया डॉर्टमुंड का डिफेंडर शनिवार को आइवरी कोस्ट के खिलाफ मैच के दौरान चोटिल हुआ था. ‘ग्रुप-ई’ के इस मुकाबले को जर्मनी ने 2-1 से अपने नाम किया था. उन्हें हाफ-टाइम में ही खेल छोड़ना पड़ा और उनकी जगह एंटोनियो रुडिगर मैदान पर आए. अगले दिन स्कैन से पता चला कि उनके बाएं टखने का लिगामेंट फट गया है.

जर्मनी ने सोमवार को एक बयान में कहा, “श्लोटरबेक के बाएं टखने के मीडियल कोलेटरल लिगामेंट में चोट लगी है. वह कई महीनों तक टीम से बाहर रहेंगे. जर्मनी की टीम के डिफेंडर और बोरुसिया डॉर्टमुंड के खिलाड़ी श्लोटरबेक फिलहाल यूएसए में टीम के साथ ही रहेंगे.”

इस चोट ने 26 वर्षीय खिलाड़ी के शानदार वर्ल्ड कप सफर को बीच में ही रोक दिया है. वह जूलियन नागेल्समैन की डिफेंस लाइन के अहम खिलाड़ी बन गए थे. चूंकि, टूर्नामेंट पहले से ही चल रहा है, इसलिए जर्मनी किसी दूसरे खिलाड़ी को उनकी जगह नहीं बुला सकता. नागेल्समैन ने अपने एक बेहतरीन डिफेंडर के बाहर होने पर निराशा जताते हुए चोट के बाद श्लोटरबेक के जज्बे की तारीफ भी की.

नागेल्समैन ने कहा, “पिच पर श्लोटी (श्लोटरबेक) की कमी बहुत खलेगी, खासकर एक शानदार डिफेंडर और उनके बेहतरीन ‘बिल्ड-अप प्ले’ के कारण. यह उनका वर्ल्ड कप हो सकता था. कल हम सभी ने उनका हौसला बढ़ाने की कोशिश की. अच्छी बात यह है कि वह बहुत सकारात्मक सोच वाले इंसान हैं.” जर्मन कोच ने मैदान पर उनके प्रदर्शन के अलावा टीम में खिलाड़ी की अहमियत को लेकर कहा, “यह बहुत अच्छी बात है कि वह शुरुआत में टीम के साथ ही रहेंगे, क्योंकि मैदान के बाहर भी उनका टीम पर असर रहता है. उनके न होने के बावजूद, वर्ल्ड कप के लिए सेंट्रल डिफेंस में हमारे पास जोनाथन ताह, एंटोनियो रुडिगर, वाल्डेमर एंटन और मलिक थियाव जैसे अच्छे विकल्प मौजूद हैं.”

इस झटके के बावजूद, टूर्नामेंट में जर्मनी की स्थिति मजबूत बनी हुई है. चार बार की वर्ल्ड चैंपियन टीम पहले ही ग्रुप-ई में पहला स्थान पक्का कर चुकी है. इस टीम ने 12 साल में पहली बार नॉकआउट स्टेज में जगह बनाई है. नागेल्समैन की टीम नॉकआउट राउंड से पहले गुरुवार को इक्वाडोर के खिलाफ अपना ग्रुप-स्टेज का अभियान खत्म करेगी.

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Shivam Upadhyay

शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें

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