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US Iran Talks Live: ईरान की अमेरिका के साथ बातचीत का पहला दौर खत्म, कतर से वार्ता हुई शुरू

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Published On: June 22, 2026

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बर्गेनस्टॉक: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को आगे बढ़ाने के लिए अब तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू होने जा रही है. रविवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में होने वाली इस अहम बैठक के लिए अमेरिका, ईरान, पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधिमंडल पहुंच रहे हैं. लेकिन बातचीत शुरू होने से पहले ही पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है. ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर समझौते (MoU) का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि 21 जून को बर्गेनस्टॉक में अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत होगी. इसमें पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधि मध्यस्थ के तौर पर शामिल रहेंगे. इस बैठक का मकसद हाल ही में हुए इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (Islamabad MoU) को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ना है.

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वह अगले कुछ दिनों में स्विट्जरलैंड रवाना होने की उम्मीद कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिका के वरिष्ठ प्रतिनिधि पहले ही वहां पहुंच चुके हैं और बातचीत के तकनीकी पहलुओं पर काम कर रहे हैं. वेंस के मुताबिक अब तक बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है.

उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि उसका प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है. स्विस विदेश मंत्रालय ने भी ईरानी टीम के आगमन का स्वागत करते हुए कहा कि यह यात्रा अमेरिका-ईरान समझौते को लागू करने की प्रक्रिया का हिस्सा है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर भी उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ स्विट्जरलैंड पहुंच रहे हैं. पाकिस्तान खुद को इस पूरे शांति प्रयास का प्रमुख मध्यस्थ बता रहा है. उसके साथ कतर भी वार्ता में अहम भूमिका निभाएगा.

बातचीत शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही ईरान ने फिर से होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की घोषणा कर दी. ईरान का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल ने हाल ही में हुए समझौते की पहली शर्त का उल्लंघन किया है. ईरान का कहना है कि दक्षिणी लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई और अमेरिका की भूमिका समझौते के खिलाफ है.

कतर ने फ्रांस से मुलाकात की, ईरान-अमेरिका डील को लेकर कही ये बात

कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट से मुलाकात की. ये मुलाकात स्विट्जरलैंड की बैठक के दौरान हुई है. दोनों नेताओं ने मिडल ईस्ट के ताजा हालातों पर बातचीत की. कतर के प्रधानमंत्री ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को अपने देश का पूरा समर्थन दिया. उन्होंने साफ कहा कि कतर दोनों देशों के पुराने विवादों को सुलझाने के लिए हमेशा बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों का पक्षधर रहा है.

ईरान-अमेरिका की चल रही बातचीत पर चीन की टिप्पणी

ईरान-अमेरिका की चल रही बातचीत पर चीन ने टिप्पणी की है. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान और अमेरिका अपनी बातचीत का यह सिलसिला आगे भी जारी रखेंगे. दोनों देश मिलकर इस मामले में कोई अच्छा नतीजा निकालें यही चीन चाहता है. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट में बताया है कि जब प्रवक्ता से स्विट्जरलैंड में हो रही ईरान-अमेरिका बातचीत के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस विवाद को सुलझाने में जुटे अन्य देशों की तारीफ की. गुओ ने साफ कहा कि चीन इस मामले में पाकिस्तान, कतर और बाकी सभी देशों द्वारा की जा रही मध्यस्थता की कोशिशों का पूरा समर्थन करता है.

कतर के प्रधानमंत्री ने इस हफ्ते की शुरुआत में हुए शांति समझौते की जमकर तारीफ

स्विट्जरलैंड के बुर्गनस्टॉक में हुई एक बड़ी बैठक में कतर के प्रधानमंत्री ने इस हफ्ते की शुरुआत में हुए शांति समझौते की जमकर तारीफ की. उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक कामयाबी बताया. साथ ही कहा कि उम्मीद है कि इससे पूरे इलाके में शांति लाने में मदद मिलेगी. कतर के प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछला समय हमारे इलाके के लिए सबसे मुश्किल दौर में से एक रहा है. नए समझौते से ऐसा माहौल बनेगा जिससे सभी देश अपनी ताकत को लड़ाई-झगड़े के बजाय विकास, आपसी सहयोग और अपने नागरिकों को नए मौके देने में लगा सकेंगे.

होर्मुज को लेकर नियमों में बदलाव करेगा ईरानी, सुप्रीम लीडर के सलाहकार का दावा

ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने कहा है कि उनका देश होर्मुज को नियंत्रित करने वाले कुछ नियमों को बदलेगा. फारस न्यूज से बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि ईरान ये सभी बदलाव कानून और अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में रहकर ही करेगा. इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के हितों की रक्षा करने के लिए ईरान अपने सभी कानूनी अधिकारों और क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल करेगा.

ईरान की अमेरिका के साथ बातचीत खत्म, कतर के वार्ता हुई शुरू

अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की बातचीत खत्म हो गई है. अब ईरान और कतर के प्रतिनिधियों के बीच द्विपक्षीय बातचीत शुरू हो गई है. ईरान के सरकारी टेलीविजन ने इस बात की जानकारी दी है. दूसरी तरफ हिजबुल्लाह ने लेबनान सरकार की अमेरिका के साथ चल रही सीधी बातचीत को खारिज कर दिया है. हिजबुल्लाह का कहना है कि इस बातचीत से लेबनान की आजादी और अधिकारों को ठेस पहुंचेगी और इससे सीधे तौर पर इजरायल को फायदा होगा. हिजबुल्लाह ने एक बयान जारी कर कहा कि अमेरिका में मौजूद लेबनान के प्रतिनिधियों पर अमेरिकी शर्तों को मानने का दबाव बनाया जा रहा है.

परमाणु समझौते को लेकर चल रही बैठक का पहला दौर समाप्त

ईरान और अमेरिका में परमाणु समझौते को लेकर चल रही बैठक का पहला दौर समाप्त हो गई है. स्विट्जरलैंड में ईरान परमाणु समझौते को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक में सभी देशों के प्रतिनिधि एक साथ नजर आए. इसे शांति प्रक्रिया की और बढ़ता संकेत माना जा रहा है. इस मीटिंग के अंत में ईरान के नेताओं ने अमेरिकी नेताओं से हाथ नहीं मिलाया, साथ ही फोटों लेने से भी साफ मना कर दिया. इसके अलावा

ईरान के नेताओं ने हाथ मिलाने से किया मना, फोटो भी नहीं खिंचवाई

स्विट्जरलैंड में होने वाली एक बड़ी बैठक से पहले ईरान की टीम ने अमेरिकी टीम से हाथ मिलाने और उनके साथ ग्रुप फोटो खिंचवाने से साफ मना कर दिया. ईरान की एक सरकारी समाचार एजेंसी ने इस बात की जानकारी दी है. दोनों देशों के नेताओं के बीच हाथ मिलाने और एक साझा फोटो सेशन का कार्यक्रम तय किया था, लेकिन ईरानी नेताओं ने इस योजना का कड़ा विरोध किया. इस इनकार के बाद टीवी पर लाइव प्रसारण और फोटो सेशन का कार्यक्रम इरान की टीम के बिना ही आगे बढ़ाया गया.

ईरान के नेता नहीं कर रहे अमेरिकी प्रतिनिधियों से बात, रिपोर्ट में दावा

स्विट्जरलैंड में ईरान परमाणु समझौते को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक में सभी देशों के प्रतिनिधि एक साथ नजर आए. इसे शांति प्रक्रिया की और बढ़ता संकेत माना जा रहा है. बैठक के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच का पुराना तनाव साफ दिखाई दिया. बाकी देशों के विपरीत, ईरान का कोई भी नेता से अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ फोटो खिंचवाने के लिए सामने नहीं आया. अल-जजीरा की रिपोर्ट में बताया है कि ईरान के विदेश मंत्री अराघची कमरे में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कोई भी बयान देने से परहेज किया. विशेषज्ञों का मानना है कि इरान अभी इस पूरी प्रक्रिया को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है. शांति समझौते के बाद लेबनान का मुद्दा सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है. ईरान बंद कमरे में यह पक्का आश्वासन चाहता है कि इजरायल लेबनान पर अपनी बमबारी को पूरी तरह और हमेशा के लिए रोक देगा.

Edit Delete Highlight Pin Iran-US Talks Live Update : ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी, प्रॉक्सी समूहों की गतिविधियां रोके

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उसे तुरंत लेबनान में अपने समर्थित समूहों (प्रॉक्सी संगठनों) की गतिविधियां रोकनी चाहिए. ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान ने ऐसा नहीं किया, तो अमेरिका उस पर फिर से कड़ी कार्रवाई करेगा. ट्रंप ने कहा- ‘ईरान को तुरंत लेबनान में अपने प्रॉक्सी समूहों को परेशानी पैदा करने से रोकना चाहिए. अगर उसने ऐसा नहीं किया, तो हम ईरान पर फिर से बहुत सख्त हमला करेंगे, और पिछली बार से भी अधिक ताकत के साथ जवाब देंगे.’ यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में महत्वपूर्ण वार्ताएं चल रही हैं और लेबनान में संघर्षविराम को बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं.

Iran-US Talks News: ईरान-अमेरिका नए अध्याय की ओर बढें, मतभेद छोड़ें: जेडी वेंस

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने क्षेत्र में अस्थिरता के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन साथ ही कहा कि पिछले कुछ घंटों में वार्ता में काफी अच्छी प्रगति हुई है. उन्होंने कहा कि अब दोनों देशों को एक ऐसे भविष्य की संभावना दिखाई दे रही है, जहां सभी पक्ष मिलकर शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा दे सकें. वेंस ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि अमेरिका और ईरान के संबंधों में एक नई शुरुआत हो. उनके मुताबिक ट्रंप ने दोनों देशों से पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर नए अध्याय की ओर बढ़ने और ईरानी जनता के साथ बेहतर संबंध बनाने का आह्वान किया है.

Iran-US Talks Live Update : जेडी वेंस ने कहा – ऐतिहासिक है ये वार्ता

स्विट्जरलैंड में चल रही वार्ता के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में लेबनान में संघर्ष विराम को बनाए रखने की दिशा में अच्छी प्रगति हुई है. उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्षेत्र में पूर्ण युद्धविराम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. वेंस ने कहा कि इस तरह के संघर्ष विराम को लागू करना हमेशा आसान नहीं होता और शुरुआत में कुछ कठिनाइयां आना स्वाभाविक है. उन्होंने यह भी कहा कि स्विट्जरलैंड में चल रही तकनीकी वार्ताएं भले ही सभी मतभेदों को तुरंत खत्म न कर पाएं, लेकिन पहली बार अमेरिका और ईरान की टीमें एक साथ बैठकर सीधे बातचीत कर रही हैं, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है.

Iran-US Talks Live: मीटिंग रूम में पहुंच रहे हैं प्रतिनिधि

स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली महत्वपूर्ण वार्ता से पहले प्रतिनिधिमंडल बैठक कक्ष में पहुंचने लगे हैं.  इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मीडिया को संबोधित करना शुरू किया. उनके बाईं ओर कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी बैठे थे, जबकि दाईं ओर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मौजूद थे. यह बैठक क्षेत्रीय तनाव कम करने और समझौते को आगे बढ़ाने के लिए अहम मानी जा रही है.

Iran-US Talks Live: अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तानी मध्यस्थों से की मुलाकात

स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक में ईरान के साथ होने वाली अहम वार्ता से पहले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तानी मध्यस्थों से मुलाकात की. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेयर्ड कुश्नर ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर से मुलाकात की. दोनों पक्षों ने हाथ मिलाकर बातचीत की और यह बैठक अमेरिका-ईरान वार्ता शुरू होने से पहले माहौल को सकारात्मक बनाने और मध्यस्थता प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

Iran-US Talks Live: अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में वार्ता शुरू

कतर के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि स्विट्जरलैंड में कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता औपचारिक रूप से शुरू हो गई है. मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि ये बातचीत सफल रहेगी और दोनों पक्षों के बीच ऐसा व्यापक एवं स्थायी समझौता हो सकेगा, जिसमें समझौता ज्ञापन (MoU) में शामिल सभी मुद्दों का समाधान निकले. कतर ने कहा कि उसका लक्ष्य संवाद और कूटनीति के जरिए क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करना है. कतर और पाकिस्तान पिछले कई महीनों से दोनों देशों के बीच मतभेद कम करने और बातचीत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

Iran-US Talks Update: ईरान को मिल जाएंगे 6 अरब डॉलर: मसूद पजेश्कियन

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन ने कहा है कि तेहरान को उम्मीद है कि कतर में जमा उसके 6 अरब डॉलर के जमे हुए फंड तक फिर से पहुंच मिल जाएगी. यह उम्मीद ऐसे समय जताई गई है जब स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ताएं शुरू हो रही हैं. ये बातचीत उस प्रारंभिक समझौते के तहत हो रही है, जिसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में कई महीनों से जारी तनाव और संघर्ष को समाप्त करना है. ईरान का मानना है कि वार्ता में प्रगति होने पर इन फंडों की वापसी का रास्ता खुल सकता है.

Iran-US Talks Live Update : स्विट्जरलैंड में ईरानी विदेश मंत्री का स्वागत

स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्री इग्नाजियो कैसिस ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची का अमेरिका के साथ होने वाली वार्ता के लिए स्वागत किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीर भी साझा की, जो स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में हुई. कैसिस ने कहा कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद स्विट्जरलैंड और ईरान के बीच भरोसेमंद संबंध बने हुए हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते कूटनीति, शांति और मध्य पूर्व में स्थिरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

 

Iran-US Talks Live: सफल हो सकती है स्विट्जरलैंड वार्ता: ईरान

ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा है कि स्विट्जरलैंड में चल रही वार्ता के सफल होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र में किसी अरब देश का बहिष्कार करने का दौर खत्म होना चाहिए. आरिफ ने दावा किया कि ईरान के पास एक ऐसा मजबूत साधन है, जो दूसरे पक्ष से भी अधिक प्रभावशाली है और अब उसका इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी चेतावनी दी और कहा कि यह ईरान के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है. इसके संरक्षण के लिए ईरानियों ने बड़ी कुर्बानियां दी हैं, इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए.

Iran-US Talks: ईरानी राष्ट्रपति ने इजरायली पीएम पर किया कटाक्ष

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन कहा है कि अमेरिका के साथ हुए शुरुआती समझौते के तहत कतर में फंसी ईरान की 6 अरब डॉलर की राशि वापस कर दी जाएगी. उन्होंने दावा किया कि समझौते की सभी शर्तें ईरान के हित में हैं और इसके सकारात्मक परिणाम जल्द सामने आएंगे. पेजेश्कियन ने कहा कि अमेरिका की मुख्य मांग सिर्फ यह है कि ईरान परमाणु बम न बनाए. उन्होंने दोहराया कि ईरान का परमाणु हथियार बनाने का कोई इरादा नहीं है. साथ ही उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह इस वार्ता से सबसे ज्यादा असंतुष्ट होंगे.

Iran-US Talks: होर्मुज बंद, IRGC ने रोकी जहाजों की एंट्री

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने सैन्य सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि होर्मुज अभी भी बंद है और IRGC ने अगले आदेश तक किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है. यह खबर ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड में महत्वपूर्ण वार्ता की तैयारी कर रहे हैं. ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने अपने वादों का पालन नहीं किया और लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई नहीं रुकवाई. इसी कारण ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद रखने का फैसला किया है.

Iran-US Talks Live: थोड़ी देर में होगी ईरान-अमेरिका प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात

ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल स्थानीय समय के मुताबिक दोपहर तक स्विट्जरलैंड में मुलाकात करेंगे.  इस बातचीत में कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने बताया कि सुबह ईरानी प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान और कतर के अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें होंगी. इसके बाद दोपहर में ईरान और अमेरिका के बीच चार-पक्षीय वार्ता होगी, जिसमें कतर और पाकिस्तान के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे. वहीं स्विट्जरलैंड पहुंचने के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्विस विदेश मंत्री इग्नाजियो कैसिस से भी मुलाकात की.

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