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374 साल की आस्था का जश्न, उदयपुर का जगदीश मंदिर बना भक्ति का रंगमंच, इतिहास हर कोने में जिंदा

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Published On: April 30, 2026

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Jagdish Temple Udaipur : उदयपुर का जगदीश मंदिर इन दिनों सिर्फ पूजा का स्थल नहीं, बल्कि भक्ति, इतिहास और परंपरा का जीवंत उत्सव बन गया है. 374वें पाटोत्सव के अवसर पर मंदिर में दो दिवसीय विशेष आयोजन हो रहे हैं, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. वैशाख शुक्ल पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला यह उत्सव मंदिर की स्थापना और उससे जुड़ी मान्यताओं को फिर से जीवंत कर देता है. 1651 में महाराणा जगत सिंह प्रथम द्वारा बनवाया गया यह मंदिर अपनी भव्यता और अनोखी स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है. ऊंचे चबूतरे पर बने इस मंदिर के स्तंभों और दीवारों पर उकेरी गई नक्काशी मानो इतिहास को बोलने पर मजबूर कर देती है. मंदिर से जुड़ी चमत्कारी मान्यताएं और बलिदान की कहानियां इसकी पहचान को और भी खास बनाती हैं. पाटोत्सव के दौरान भगवान का विशेष श्रृंगार, अभिषेक और 56 भोग जैसे आयोजन पूरे माहौल को भक्तिमय बना देते हैं. यह मंदिर आज भी न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि उदयपुर की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बना हुआ है.

​Jagdish Temple Udaipur : उदयपुर का जगदीश मंदिर इन दिनों सिर्फ पूजा का स्थल नहीं, बल्कि भक्ति, इतिहास और परंपरा का जीवंत उत्सव बन गया है. 374वें पाटोत्सव के अवसर पर मंदिर में दो दिवसीय विशेष आयोजन हो रहे हैं, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. वैशाख शुक्ल पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला यह उत्सव मंदिर की स्थापना और उससे जुड़ी मान्यताओं को फिर से जीवंत कर देता है. 1651 में महाराणा जगत सिंह प्रथम द्वारा बनवाया गया यह मंदिर अपनी भव्यता और अनोखी स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है. ऊंचे चबूतरे पर बने इस मंदिर के स्तंभों और दीवारों पर उकेरी गई नक्काशी मानो इतिहास को बोलने पर मजबूर कर देती है. मंदिर से जुड़ी चमत्कारी मान्यताएं और बलिदान की कहानियां इसकी पहचान को और भी खास बनाती हैं. पाटोत्सव के दौरान भगवान का विशेष श्रृंगार, अभिषेक और 56 भोग जैसे आयोजन पूरे माहौल को भक्तिमय बना देते हैं. यह मंदिर आज भी न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि उदयपुर की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बना हुआ है.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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