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जिन्हें हम बचपन में विलेन समझते थे, वही हमारे जीवन के सबसे बड़े हीरो निकले: फादर्स डे पर Pocket FM की खास पेशकश ‘The Villain Who Raised Me’

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Published On: June 21, 2026

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मुंबई, महाराष्ट्र, भारत

हर बच्चे को अपनी कहानी का एक विलेन जरूर याद रहता है।
 

वह शख्स जो हमेशा ‘ना’ कहता था।
 

देर रात बाहर जाने के लिए ना।
 

एक और घंटा टीवी देखने के लिए ना।
 

बाइक के लिए ना।
 

आसान रास्ता चुनने के लिए ना।
 

बहानों के लिए ना।
 

हम में से कई लोगों के लिए बचपन का वह विलेन हमारे पिता थे।
 

इस फादर्स डे पर Pocket FM लेकर आया है “The Villain Who Raised Me”, एक ऐसा अभियान जो उन पिताओं को समर्पित है जिन्होंने उस समय बच्चों की नाराज़गी और नापसंदगी स्वीकार की, लेकिन उनके बेहतर भविष्य के लिए सही फैसले लेने से कभी पीछे नहीं हटे।

The Villain Who Raised Me: क्योंकि हर पिता कभी न कभी अपने बच्चे की कहानी का विलेन बनता है, ताकि वह उसकी ज़िंदगी का हीरो बन सके

भारतीय सिनेमा के सबसे पहचानने योग्य विलेन किरदारों में से कई को पर्दे पर जीवंत करने वाले वरिष्ठ अभिनेता मुकेश ऋषि के साथ बनाया गया यह अभियान एक बेहद सरल लेकिन सार्वभौमिक सच्चाई को सामने लाता है, कई पिता अपने बच्चों की कहानी में वर्षों तक विलेन बने रहते हैं, लेकिन उनके फैसलों के पीछे छिपी मंशा और प्यार को बच्चे अक्सर बड़े होने के बाद समझ पाते हैं।
 

चाहे अनुशासन बनाए रखना हो, सीमाएं तय करनी हों, कठिन फैसले लेने हों या फिर उस समय पूरी तरह जायज़ लगने वाली किसी मांग को ठुकराना हो, पिता अक्सर वह भूमिका निभाते हैं जिसमें उन्हें बच्चों की नजरों में कठोर या गैर-लोकप्रिय माना जाता है। लेकिन यही पल आगे चलकर उन सीखों, मूल्यों और आदतों की नींव बनते हैं जो हमारे व्यक्तित्व को आकार देते हैं।
 

यह अभियान फादर्स डे को एक अलग नज़रिए से देखने की कोशिश करता है। यहां पिता को उस हीरो के रूप में नहीं दिखाया गया है जो हर समस्या का समाधान लेकर आता है, बल्कि उस अभिभावक के रूप में प्रस्तुत किया गया है जो किसी बड़े उद्देश्य के लिए गलत समझे जाने का जोखिम उठाता है।
 

इस विचार को जीवंत बनाने के लिए मुकेश ऋषि को चुना गया है, जिन्होंने दशकों तक अपने दमदार विलेन किरदारों से दर्शकों का मनोरंजन किया है। फिल्म में ऋषि एक हल्के-फुल्के अंदाज में उन सभी पिताओं का प्रतिनिधित्व करते नजर आते हैं जिन्हें कभी न कभी उनके बच्चों ने ‘विलेन’ कहा होगा। लेकिन कहानी आगे बढ़ने के साथ यह भी सामने आता है कि उन कठिन फैसलों के पीछे प्यार, जिम्मेदारी और त्याग की भावना छिपी होती है।
 

इस अभियान के बारे में बात करते हुए विनीत सिंह, एसवीपी एवं ग्लोबल हेड, ब्रांड मार्केटिंग, कम्युनिकेशंस, पार्टनरशिप्स और पब्लिक अफेयर्स, Pocket FM, ने कहा, “ज्यादातर फादर्स डे कैंपेन पिता को हीरो के रूप में पेश करते हैं। हम पिता की उस भूमिका का सम्मान करना चाहते थे जिसे लगभग हर पिता अपने जीवन में निभाता है अपने बच्चे की कहानी में विलेन बनने की भूमिका। अक्सर वही व्यक्ति होता है जो ‘ना’ कहता है, सीमाएं तय करता है और ऐसे फैसले लेता है जिन्हें उस समय शायद सराहा नहीं जाता। बचपन में हम उन पलों से नाराज़ हो सकते हैं, लेकिन बड़े होने पर हमें एहसास होता है कि उन फैसलों के पीछे सिर्फ प्यार और चिंता थी। ‘The Villain Who Raised Me’ उन सभी पिताओं को हमारी श्रद्धांजलि है जिन्होंने इस बात की परवाह नहीं की कि उस पल हम उनके बारे में क्या सोचते हैं, बल्कि इस बात की परवाह की कि हम आगे चलकर क्या बनेंगे।”
 

अभियान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुकेश ऋषि ने कहा, “हर पिता ने अपने जीवन में कभी न कभी विलेन की भूमिका जरूर निभाई है, और मैंने भी निभाई है। कई बार प्यार का मतलब ‘ना’ कहना होता है। इसका मतलब है सीमाएं तय करना, कठिन फैसले लेना और यह स्वीकार करना कि आपके बच्चे तुरंत आपकी बात नहीं समझ पाएंगे। यही बात इस अभियान को मेरे लिए बेहद व्यक्तिगत और आत्मीय बनाती है। मेरी ऑन-स्क्रीन विलेन की छवि के माध्यम से इस कहानी को कहना इसे और भी खास बना देता है।”
 

Pocket FM की इन-हाउस क्रिएटिव टीम द्वारा तैयार किया गया यह अभियान ब्रांड की उस निरंतर सोच को दर्शाता है, जिसके तहत वह ऐसी कहानियां सामने लाता है जो लोगों के जीवन से जुड़ी वास्तविक भावनाओं, रिश्तों और अनुभवों को छूती हैं।
 

यह फिल्म अब Pocket FM के सोशल मीडिया चैनलों पर लाइव है।
 

YouTube Link: youtu.be/0WAsp_AjU20?si=3UO21PshALyK_tqR

IG Link: www.instagram.com/reel/DZy-cjbsHrS/?igsh=bTZiZjZmZnA1M3R

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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