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हैदराबाद का असली गेटवे, 450 साल पुराना पुल, जहां से शुरू हुई शहर की कहानी, इतिहास आज भी जिंदा

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Published On: April 29, 2026

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Hyderabad old bridge : हैदराबाद की पहचान सिर्फ चारमीनार या कुतुब शाही इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इस शहर की नींव और इतिहास को समझना हो तो मूसी नदी के किनारे खड़े “पुराना पुल” को देखना जरूरी है. यह पुल सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि करीब साढ़े चार सौ साल पुराने हैदराबाद के जन्म और विकास का जीवंत गवाह है. 16वीं सदी में बना यह पुल उस दौर की इंजीनियरिंग, वास्तुकला और दूरदर्शिता का शानदार उदाहरण है, जब नदी पार करना भी एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी. पुराना पुल ने न सिर्फ गोलकोंडा और पुराने शहर को जोड़ा, बल्कि व्यापार, सामाजिक जीवन और सांस्कृतिक विस्तार को भी नई दिशा दी. इतिहास में दर्ज कहानियां इसे और भी खास बनाती हैं – कहा जाता है कि इसी पुल के रास्ते मुहम्मद कुली कुतुब शाह अपनी प्रेमिका भागमती से मिलने जाया करते थे. आज जब आधुनिक हैदराबाद तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब भी यह पुल अतीत की यादों को संभाले मजबूती से खड़ा है. हालांकि समय और प्रदूषण इसके लिए चुनौती बनते जा रहे हैं, फिर भी यह धरोहर हर आने वाले को शहर के असली इतिहास से रूबरू कराती है.

​Hyderabad old bridge : हैदराबाद की पहचान सिर्फ चारमीनार या कुतुब शाही इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इस शहर की नींव और इतिहास को समझना हो तो मूसी नदी के किनारे खड़े “पुराना पुल” को देखना जरूरी है. यह पुल सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि करीब साढ़े चार सौ साल पुराने हैदराबाद के जन्म और विकास का जीवंत गवाह है. 16वीं सदी में बना यह पुल उस दौर की इंजीनियरिंग, वास्तुकला और दूरदर्शिता का शानदार उदाहरण है, जब नदी पार करना भी एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी. पुराना पुल ने न सिर्फ गोलकोंडा और पुराने शहर को जोड़ा, बल्कि व्यापार, सामाजिक जीवन और सांस्कृतिक विस्तार को भी नई दिशा दी. इतिहास में दर्ज कहानियां इसे और भी खास बनाती हैं – कहा जाता है कि इसी पुल के रास्ते मुहम्मद कुली कुतुब शाह अपनी प्रेमिका भागमती से मिलने जाया करते थे. आज जब आधुनिक हैदराबाद तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब भी यह पुल अतीत की यादों को संभाले मजबूती से खड़ा है. हालांकि समय और प्रदूषण इसके लिए चुनौती बनते जा रहे हैं, फिर भी यह धरोहर हर आने वाले को शहर के असली इतिहास से रूबरू कराती है.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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