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डिमांड इतनी कि 24 घंटे करनी पड़ती है पहरेदारी, जानिए क्यों खास है कोडरमा का 63 साल पुराना आम बागान

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Published On: June 3, 2026

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कोडरमा के मसनोडीह गांव का 63 साल पुराना आम बागान इन दिनों चर्चा में है. इस बागान में एक हजार से अधिक आम के पेड़ हैं, जिनमें एक दर्जन से ज्यादा किस्मों के आम लगाए गए हैं. यहां लोगों को पेड़ों पर प्राकृतिक रूप से पके ताजे आम मिलते हैं. यहां के आम की मांग झारखंड और बिहार के अलावा दिल्ली तक है. पिछले साल यहां के आम अमेरिका भी भेजे गए थे. बढ़ती मांग को देखते हुए बागान की 24 घंटे निगरानी की जाती है.

​कोडरमा के मसनोडीह गांव का 63 साल पुराना आम बागान इन दिनों चर्चा में है. इस बागान में एक हजार से अधिक आम के पेड़ हैं, जिनमें एक दर्जन से ज्यादा किस्मों के आम लगाए गए हैं. यहां लोगों को पेड़ों पर प्राकृतिक रूप से पके ताजे आम मिलते हैं. यहां के आम की मांग झारखंड और बिहार के अलावा दिल्ली तक है. पिछले साल यहां के आम अमेरिका भी भेजे गए थे. बढ़ती मांग को देखते हुए बागान की 24 घंटे निगरानी की जाती है.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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