विंढमगंज/सोनभद्र। विंढमगंज क्षेत्र में संचालित कुछ चुनिंदा जन सेवा केंद्र (CSC) संचालकों पर फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र बनवाने तथा आधार कार्ड में नियमों के विपरीत संशोधन कराने के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ केंद्रों पर कथित रूप से बाईपास तरीके अपनाकर ऐसे कार्य किए जा रहे हैं, जो सरकारी नियमों के अनुरूप नहीं हैं।

इसके अलावा कई लोगों ने चिंता जताई है कि आधार संबंधी कार्यों के दौरान नागरिकों के फिंगरप्रिंट और अन्य बायोमेट्रिक जानकारी की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि बायोमेट्रिक डेटा का दुरुपयोग होता है तो इससे भविष्य में आर्थिक और कानूनी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे जन सेवा केंद्रों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है, तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता का भरोसा सरकारी सेवाओं पर बना रहे।
जनता से अपील:- आम नागरिक किसी भी व्यक्ति को अपना आधार कार्ड, ओटीपी, फिंगरप्रिंट या अन्य बायोमेट्रिक जानकारी बिना आवश्यकता और बिना भरोसेमंद केंद्र के साझा न करें। आधार या अन्य सरकारी दस्तावेजों से संबंधित कार्य केवल अधिकृत और नियमों के अनुसार कार्य करने वाले केंद्रों से ही कराएं। यदि किसी केंद्र पर अवैध वसूली, फर्जी दस्तावेज बनाने या नियमों के विरुद्ध कार्य होने की जानकारी मिले, तो उसकी शिकायत संबंधित विभाग या स्थानीय प्रशासन से करें।
प्रशासन से मांग:- क्षेत्र के सभी जन सेवा केंद्रों का विशेष अभियान चलाकर सत्यापन कराया जाए, फर्जी तरीके से बनाए गए दस्तावेजों की जांच हो तथा दोषी पाए जाने वाले संचालकों के लाइसेंस निरस्त कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नोट:- यह समाचार स्थानीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों और आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित जन सेवा केंद्रों का पक्ष और प्रशासनिक जांच का निष्कर्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। इसलिए किसी भी व्यक्ति या संस्था को जांच पूरी होने से पहले दोषी नहीं माना जाना चाहिए।











