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विंढमगंज में आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर बड़ा खेल? बाईपास तकनीक से अवैध कार्यों के आरोप, 2 से 10 हजार रुपये तक वसूली की चर्चा

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Published On: June 28, 2026

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बिना वैध दस्तावेजों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र बनाने के आरोप, प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच व कार्रवाई की मांग

विंढमगंज/सोनभद्र। विंढमगंज क्षेत्र में संचालित कुछ चुनिंदा जन सेवा केंद्र (CSC) एवं अन्य निजी दुकानों पर आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र तथा अन्य सरकारी दस्तावेजों से जुड़े कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि कुछ स्थानों पर कथित रूप से बाईपास तकनीक का इस्तेमाल कर बिना वैध दस्तावेजों के भी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं तथा आधार में नियमों के विपरीत संशोधन किए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र के कई चौक-चौराहों पर फोटोस्टेट एवं अन्य दुकानों के भीतर गुप्त रूप से आधार बनाने का कार्य किया जा रहा है। आरोप है कि यदि कोई व्यक्ति सीधे पूछताछ करता है तो उसे सरकारी अधिकृत केंद्रों पर भेज दिया जाता है, लेकिन परिचय या सिफारिश के माध्यम से पहुंचने वाले लोगों का काम कथित रूप से आसानी से कर दिया जाता है।

सूत्रों के अनुसार, ऐसे मामलों में 2,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक की अवैध वसूली किए जाने की भी चर्चा है। आरोप है कि जिन लोगों के पास जन्म प्रमाण पत्र या अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होते, उनके भी कथित रूप से जुगाड़ के माध्यम से दस्तावेज तैयार कर आधार कार्ड बनवा दिए जाते हैं। इतना ही नहीं, आधार में जन्मतिथि और अन्य विवरणों में भी नियमों के विरुद्ध संशोधन कराने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दूसरे राज्यों से आने वाले कुछ मजदूर एवं फेरी व्यवसाय से जुड़े लोग भी बिना पर्याप्त दस्तावेजों के आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र बनवाने में सफल हो रहे हैं। यदि यह सही पाया जाता है तो इससे सरकारी योजनाओं, मतदाता सूची और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।

दूसरी ओर, अधिकृत आधार सेवा केंद्रों के संचालकों का कहना है कि वे पूरी तरह सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करते हैं और बिना वैध दस्तावेज किसी भी प्रकार का आधार पंजीकरण या संशोधन नहीं किया जाता।

प्रशासन से मांग- स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने, अवैध रूप से संचालित आधार केंद्रों की पहचान कर उन्हें तत्काल बंद कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

जनता से अपील- आम नागरिक किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या संदिग्ध केंद्र पर अपना आधार, फिंगरप्रिंट, ओटीपी अथवा अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। आधार एवं अन्य सरकारी दस्तावेजों से संबंधित कार्य केवल अधिकृत केंद्रों पर ही कराएं। यदि कहीं फर्जीवाड़ा, अवैध वसूली या नियमों के विपरीत कार्य होता दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें।

नोट- इस समाचार में उल्लिखित बातें स्थानीय लोगों से प्राप्त शिकायतों, दावों और आरोपों पर आधारित हैं। इन आरोपों की पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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