लखनऊ की डॉ. रंजना सिंह एवं सोनभद्र के संतोष कुमार को उत्कृष्ट पंचायत–आधारित डिजिटल सेवा वितरण के लिए मिला सम्मान
CSC उत्तर प्रदेश के स्टेट हेड राजेश मिश्रा ने दी बधाई, कहा— VLE ही ग्राम पंचायतों में डिजिटल सुशासन के वास्तविक वाहक हैं
लखनऊ, 24 जून, 2026।
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत-आधारित डिजिटल सेवा वितरण को सुदृढ़ बनाने तथा अंतिम छोर तक नागरिक सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पंचायती राज मंत्रालय (MoPR) एवं कॉमन सर्विस सेंटर स्पेशल पर्पस व्हीकल (CSC-SPV), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में 23 जून, 2026 को श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) में “सेवा से समृद्धि : पंचायत–आधारित सेवा वितरण (Seva Se Samriddhi: Panchayat-led Service Delivery)” विषय पर क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के माननीय उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा द्वारा किया गया। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री जावेद अहमद डार, पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री विवेक भारद्वाज, सीएससी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री प्रवीण चंदेकर, संयुक्त सचिव सुश्री पलका साहनी तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, जम्मू-कश्मीर के सचिव श्री मोहम्मद एजाज असद सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि एवं कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर (VLE) उपस्थित रहे।

कार्यशाला में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, उत्तराखण्ड एवं उत्तर प्रदेश सहित सात राज्यों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता करते हुए पंचायत आधारित सेवा वितरण के नवाचारों, डिजिटल गवर्नेंस, नागरिक सहभागिता तथा सुशासन के प्रभावी मॉडलों पर विचार-विमर्श किया। तकनीकी सत्रों, पैनल चर्चाओं एवं अनुभव-साझाकरण के माध्यम से विभिन्न राज्यों की सफल कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट डिजिटल सेवा प्रदान करने वाले कॉमन सर्विस सेंटरों एवं विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर (VLE) को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश से लखनऊ की डॉ. रंजना सिंह एवं जनपद सोनभद्र के श्री संतोष कुमार को उनके उत्कृष्ट कार्यों एवं जनसेवा के लिए सम्मानित किया गया।
डॉ. रंजना सिंह ने अपने CSC केंद्र के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, डिजिटल समावेशन एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने लगभग हजारों महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं डिजिटल सेवाओं से जोड़ा तथा लगभग दो हज़ार से अधिक स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को आजीविका एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही उनके प्रयासों से ABHA कार्ड एवं आयुष्मान भारत कार्ड बनाए गए हैं। उनकी अभिनव महिला संचालित CSC डिजिटल आउटरीच वैन ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर पहुँचकर डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध करा रही है तथा उनके CSC केंद्र द्वारा 15 स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध कराया गया है।
इसी प्रकार जनपद सोनभद्र के श्री संतोष कुमार वर्ष 2009 से ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार हेतु निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने डिजिटल साक्षरता, बैंकिंग एवं वित्तीय समावेशन, आधार सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, डिजिटल भुगतान एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके प्रयासों से हजारों ग्रामीण नागरिक, किसान, महिलाएँ एवं छात्र लाभान्वित हुए हैं। उनके CSC केंद्र द्वारा लगभग 26 स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध कराया गया है।
इस अवसर पर CSC उत्तर प्रदेश के स्टेट हेड श्री राजेश मिश्रा ने दोनों सम्मानित VLE को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह सम्मान सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश के CSC परिवार के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रकार की मान्यता न केवल उत्कृष्ट कार्य करने वाले VLE का उत्साहवर्धन करती है, बल्कि अन्य VLE को भी नवाचार एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती है।
श्री मिश्रा ने कहा कि CSC VLE की वास्तविक पहचान उसकी ग्राम पंचायत से होती है। प्रत्येक VLE अपने पंचायत क्षेत्र में शासन की डिजिटल सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाता है। उन्होंने कहा कि CSC केवल सेवा प्रदाता केंद्र नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल सुशासन, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा तथा नागरिक सशक्तिकरण के प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने प्रदेश के सभी VLE से आह्वान किया कि वे CSC डिजिटल सेवा पोर्टल पर उपलब्ध सभी सेवाओं का व्यापक प्रचार–प्रसार करें, जिससे अधिक से अधिक पात्र नागरिक सरकारी योजनाओं एवं डिजिटल सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने सभी VLE से आग्रह किया कि वे सेवा, पारदर्शिता एवं जनहित की भावना के साथ अपने पंचायत क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध सेवाएँ उपलब्ध कराते हुए डिजिटल इंडिया, विकसित भारत एवं सशक्त ग्राम पंचायत के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।
उत्तर प्रदेश में कार्यरत CSC नेटवर्क निरंतर ग्रामीण नागरिकों तक डिजिटल सेवाओं की सहज एवं पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य के हजारों VLE ग्राम पंचायत स्तर पर शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाते हुए डिजिटल समावेशन, महिला सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन एवं ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान कर रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान उत्तर प्रदेश के CSC नेटवर्क की उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति एवं जनसेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
धन्यवाद
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सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड











