इंगलवुड: मिकेल ओयार्जाबल के दो गोल की मदद से खिताब के प्रबल दावेदार स्पेन ने ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराकर 2010 में चैंपियन बनने के बाद पहली बार विश्व कप फुटबॉल के नॉकआउट राउंड में कोई मैच जीता.
ओयार्जाबल ने 36वें और 89वें मिनट में गोल किए. इस बीच पेड्रो पोरो ने 66वें मिनट में गोल किया, जिससे स्पेन मौजूदा टूर्नामेंट में अब तक का अपना सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन करने में सफल रहा, उसने गेंद पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा और अपने आक्रामक और कलात्मक खेल का अच्छा नमूना पेश किया.
स्पेन के खिलाफ मौजूदा विश्व कप में अभी तक एक भी गोल नहीं हुआ है. ऑस्ट्रिया की टीम गोल पर एक भी शॉट नहीं लगा पाई. इस तरह से स्पेन के गोलकीपर उनाई साइमन लगातार चौथे मैच में क्लीन शीट (मैच में कोई गोल नहीं खाना) हासिल करने में सफल रहे. ओयार्जाबल ने मैच के बाद कहा:
मुझे खुशी है कि मैंने टीम को अगले दौर में पहुंचाने में मदद की. अब थोड़ा आराम करके अगले मैच के लिए तैयार होना है. यह मुश्किल मैच था. हम जानते थे कि एक मजबूत टीम के खिलाफ खेलना कठिन होगा, लेकिन हमारा दिन बहुत अच्छा रहा और हमने अच्छा मैच खेल दिखाया.
स्पेन का अगला मुकाबला सोमवार को डलास में पुर्तगाल से होगा, जिसने एक अन्य मैच में क्रोएशिया को 2-0 से हराया. युवा स्ट्राइकर लामिन यामल भले ही गोल नहीं कर पाए लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया. स्पेन ने गोल पर 10 शॉट मारे, जिनमें चार शॉट इस 18 वर्षीय खिलाड़ी ने जमाए. सोफी स्टेडियम में खचाखच भरे स्पेन के समर्थकों ने उनका जोरदार उत्साह बढ़ाया. वह 85 मिनट तक मैदान पर रहे जो वर्तमान टूर्नामेंट में किसी मैच में मैदान पर बिताई गई उनकी सर्वाधिक अवधि है.
स्पेन की तरफ से ओयार्जाबल ने शानदार खेल दिखाया, उन्होंने 36वें मिनट में पहला और 89वें मिनट में निर्णायक गोल दागकर इस साल के विश्व कप में अपने गोल की संख्या दोगुनी कर ली। मार्क कुकुरेला ने ओयार्ज़ाबल के दोनों गोल में मदद की. ऑस्ट्रिया के गोलकीपर अलेक्जेंडर श्लागर ने छह बचाव किए. ऑस्ट्रिया ने 1998 के बाद पहली बार विश्व कप के नॉकआउट राउंड में जगह बनाई थी.
कई स्टार खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद स्पेन अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया था लेकिन उसने सही समय पर लय हासिल करके फिर से खुद को खिताब का मजबूत दावेदार बना दिया है. पिछले तीन विश्व कप में स्पेन दो बार नॉकआउट चरण में जबकि एक बार ग्रुप चरण में बाहर हो गया था.
ऑस्ट्रिया के खिलाफ उसने सतर्क शुरुआत के बाद आक्रामक रवैया अपनाया. श्लागर ने ओयार्ज़ाबल के निचले शॉट को शानदार तरीके से बचाया लेकिन इसके तीन मिनट बाद स्पेन का खिलाड़ी पेनल्टी क्षेत्र में पहुंचा और कुकुरेला के पास पर गोल दागकर स्पेन को बढ़त दिला दी.
इसके बाद इंजरी टाइम में एलेक्स बाएना ने 25 गज की दूरी से फ्री किक मारी जो क्रॉसबार से टकरा गई, जिसके बाद श्लागर ने यामल के बेहद करीब से लगाए गए शॉट को बचाया.
हाफ टाइम के बाद भी स्पेन ने अपना दबाव बनाए रखा. इसका उसे जल्द ही फायदा मिला जब बाएना ने बायीं तरफ से हमला किया और बिना किसी मार्क (आसपास कोई डिफेंडर नहीं होना) के खड़े पोरो को पास दिया, जिन्होंने जोरदार हेडर मारकर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल दाग दिया.
इसके बाद ओयार्जाबल ने कुकुरेला के एक और शानदार पास को गोल में बदलकर टूर्नामेंट का अपना चौथा गोल किया और स्पेन की आसान जीत सुनिश्चित की.












