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वो सिंगर जो रिकॉर्डिंग से पहले रखता था व्रत, जिसकी मौत की खबर सुन टूट गए थे राज कपूर, कहा था मेरी आवाज चली गई

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Published On: July 2, 2026

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‘मेरा जूता है जापानी’ और ‘आवारा हूं’ जैसे हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े हिट गाने देने वाले इस महान गायक की एक ऐसी आदत थी, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. आखिर रिकॉर्डिंग रूम में जाने से पहले वह क्यों भूखे रहते थे या व्रत रखते थे? जब उनका अचानक निधन हुआ, तो राज कपूर यह कहकर फूट-फूटकर रो पड़े थे कि “आज मेरी आवाज चली गई. जानिए सिंगर मुकेश से जुड़ा यह बेहद दिलचस्प और इमोशनल करने वाला किस्सा.

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नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी सबसे दर्दभरी और रूह को छू लेने वाली आवाजों का जिक्र होता है, तो सिंगर मुकेश का नाम सबसे पहले आता है. ‘मेरा जूता है जापानी’ और ‘आवारा हूं’ जैसे सदाबहार गानों को अपनी आवाज देने वाले मुकेश आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज आज भी करोड़ों दिलों में जिंदा है. उनके गाए गाने जितने बेहतरीन होते थे, उनसे जुड़े किस्से भी उतने ही दिलचस्प हैं.

क्या आप जानते हैं कि मुकेश जी किसी भी गाने की रिकॉर्डिंग करने से पहले व्रत रखा करते थे? आइए जानते हैं इसके पीछे की बेहद दिलचस्प वजह.

 रिकॉर्डिंग से पहले व्रत रखने की वजह

मुकेश जी के बारे में यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि वे जब भी स्टूडियो में कोई नया गाना रिकॉर्ड करने जाते थे, तो उससे पहले कुछ भी नहीं खाते थे. उनके लिए गाना गाना सिर्फ एक काम नहीं, बल्कि भगवान की पूजा करने जैसा था. वह अपनी गायकी को पूरी पवित्रता और समर्पण के साथ निभाना चाहते थे. उनका मानना था कि खाली पेट रहने से उनकी आवाज में और ज्यादा गहराई, स्पष्टता और शुद्धता आती है, जिससे वह गाने के दर्द और भावनाओं को और बेहतर तरीके से बयां कर पाते थे.

राज कपूर की असली ‘आवाज’ थे मुकेश

फिल्म इंडस्ट्री में राज कपूर और मुकेश की दोस्ती की मिसालें आज भी दी जाती हैं. राज कपूर स्क्रीन पर जब भी कोई गाना गाते थे, तो पर्दे के पीछे आवाज मुकेश की ही होती थी. दोनों के बीच ऐसा तालमेल था कि लोग कहते थे कि राज कपूर का शरीर है और मुकेश की आत्मा. जब मुकेश जी का निधन हुआ, तो राज कपूर बुरी तरह टूट गए थे. उन्होंने रोते हुए कहा था कि आज मैंने अपनी आवाज खो दी है, अब मेरा क्या होगा.

सादगी और अनुशासन की मिसाल थे मुकेश

मुकेश जी जितने बड़े कलाकार थे, असल जिंदगी में उतने ही सीधे और सादे इंसान थे. वे अपने काम को लेकर बेहद अनुशासित रहते थे. रिकॉर्डिंग से पहले व्रत रखने की उनकी यह आदत दिखाती है कि वे अपने संगीत से कितना सच्चा प्यार करते थे. यही वजह है कि आज दशकों बाद भी जब उनका कोई गाना बजता है, तो लोग उसे सुनकर भावुक हो जाते हैं. उनकी यही सादगी और काम के प्रति समर्पण उन्हें आज भी हर पीढ़ी का पसंदीदा गायक बनाए हुए है.

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गार्गी द्विवेदीSub Editor

मैं इस समय News18 App टीम का हिस्सा हूं. News18 App पर आप आसानी से अपनी मनपसंद खबरें पढ़ सकते हैं. मुझे खबरें लिखने का 3 साल से ज्यादा का अनुभव है और फिलहाल मैं सब एडिटर के पद पर हूं. इससे पहले मैंने, दैनिक जाग…और पढ़ें

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