—Advertisement—

ड्रोन के साये में फीफा वर्ल्ड कप? स्टेडियमों की सुरक्षा के लिए अभेद्य किलेबंदी शुरू

Author Picture
Published On: June 26, 2026

—Advertisement—

Last Updated:

फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत 12 जून से हो रही है. मेजबानी अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा के पास है. टूर्नामेंट में कुल 48 टीमें हिस्सा ले रही है. इस टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए कड़े सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं. खास तौर से अमेरिका में सुरक्ष के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. वहीं सुरक्षा नियम तोड़ने वालों को 1 लाख डॉलर का जुर्माना भरना होगा.

Zoom

फीफा विश्व कप 2026

नई दिल्ली: स्टेडियम के ऊपर ड्रोन की आवाज फैंस के लिए परेशानी का सबब हो सकती है, लेकिन कानून प्रवर्तन एजेंसियां लंबे समय से इन विमानों को बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाले हथियार के तौर पर देखती रही हैं. फुटबॉल विश्व कप शुरू होने वाला है इसलिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है और 11 अमेरिकी शहरों में होने वाले 78 मुकाबलों के दौरान स्टेडियम के ऊपर या पास ड्रोन उड़ाने के लिए शून्य सहिष्णुता की नीति है.

अधिकारियों ने सुपर बाउल और दूसरे बड़े कार्यक्रमों के दौरान इस्तेमाल होने वाले ड्रोन रोधी उपायों को बढ़ा दिया है जबकि कांग्रेस ने कानून प्रर्वतन एजेंसियों को ड्रोन को इलेक्ट्रॉनिक रूप से अक्षम करने या उन्हें मार गिराने के लिए अधिक अधिकार दिए हैं. न्यूयॉर्क पुलिस विभाग की आयुक्त जेसिका टिश ने कहा, ‘‘यूक्रेन युद्ध ड्रोन प्रोद्यौगिकी के लिए परीक्षण का मैदान बन गया है और अगर कोई खतरा है जो मुझे रात में सोने नहीं देता तो वह ड्रोन से है.’’

नियम तोड़ने वालों पर लगेगा एक लाख डॉलर का जुर्माना

कांग्रेस ने राज्य और स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दिसंबर में किसी खतरनाक ड्रोन को नियंत्रित करने या जरूरत पड़ने पर उसे मार गिराने की हरी झंडी दी है. हालांकि पहला विकल्प उन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप से अक्षम करना और सुरक्षित रूप से उतारना होगा. मुख्य संघीय एजेंसियों के पास यह अधिकार पहले से ही था. संघीय विमानन प्रशासन विश्व कप मुकाबलों और प्रशंसकों से जुड़े कार्यक्रम के दौरान भीड़भाड़ वाले स्टेडियमों के आसपास और ऊपर के वायुक्षेत्र पर प्रतिबंध लगा देगा.

नियम तोड़ने वालों पर एक लाख डॉलर तक का जुर्माना लग सकता है और उनके ड्रोन जब्त किए जा सकते हैं. किसी मैच के आयोजन स्थल के तीन मील के अंदर ड्रोन उड़ाने पर आपराधिक आरोप भी लग सकते हैं लेकिन यह सजा शायद किसी पक्के इरादे वाले आतंकवादी को रोक नहीं पाएगी. एफबीआई ने पिछले सात वर्षों में ड्रोन से निपटने की अपनी क्षमता बढ़ाने, ड्रोन को जल्दी पहचानने और उन पर नियत्रंण करने के लिए जरूरी तकनीक में काफी निवेश किया है और अधिकारी पहले से ही बड़ी प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं.

About the Author

authorimg

Jitendra Kumar

जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. इस वक्त नेटवर्क 18 समूह में हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, ह…और पढ़ें

Related News
Home
Facebook
Telegram
X