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The Alliance Review: बिना फालतू ड्रामे के ‘दिमाग और रणनीति’ का असली खेल

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Published On: June 26, 2026

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नई दिल्ली. इंडियन टेलीविजन और ओटीटी इंडस्ट्री में लंबे समय से एक ऐसे रियलिटी शो की कमी महसूस की जा रही थी, जहां लड़ाई-झगड़े और लाउड ड्रामे के बजाय शुद्ध बुद्धिमत्ता, सोशल इंजीनियरिंग और रणनीतिक दांव-पेच देखने को मिलें. इस तलाश को खत्म करते हुए देश की सबसे बड़ी प्रोडक्शन कंपनियों में से एक बनिजय एशिया ने ‘द एलायंस’ को प्राइम वीडियो पर उतार दिया है. पहले ही एपिसोड से यह शो साफ कर देता है कि यहां जीतने के लिए आपको अपनी आवाज ऊंची करने की नहीं, बल्कि अपने दिमाग को तेज चलाने की जरूरत है. शो का पैमाना भव्य है और इसकी मेकिंग इंटरनेशनल लेवल की लगती है, जो आज के आधुनिक दर्शकों के टेस्ट के बिल्कुल अनुकूल है.

कैसा है शो फॉर्मेट?
इस शो का पूरा ताना-बाना इसके नाम यानी ‘गठबंधन’ के इर्द-गिर्द बुना गया है. खेल का सबसे अनोखा पहलू यह है कि यहां प्रतियोगी किसी अनजान चेहरे के साथ नहीं, बल्कि अपने वास्तविक जीवन के रिश्तों (दोस्तों, पार्टनर्स और परिवार के सदस्यों) के साथ एंट्री लेते हैं. जब आप अपने ही किसी करीबी के साथ खेल के मैदान में उतरते हैं, तो हर एक फैसला सिर्फ रणनीतिक नहीं रह जाता, बल्कि वह भावनात्मक रूप से भी एक कड़ा इम्तिहान बन जाता है. यहां वफादारियां पल भर में बदलती हैं और पावर इक्वेशन हर टास्क के साथ पलट जाता है. मनोरंजन जगत, डिजिटल मीडिया, कॉमेडी, गेमिंग और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की दुनिया से चुने गए 16 बेहद चर्चित और शातिर चेहरों को एक साथ लाकर इस खेल को डिजाइन किया गया है. पहले ही एपिसोड में कई ऐसे शॉकिंग एलिमेंट्स देखने को मिलते हैं, जो यह साफ कर देते हैं कि इस घर में किसी भी खिलाड़ी का स्थान सुरक्षित नहीं है.

होस्टिंग: कुणाल खेमू का कड़क और सहज अंदाज
‘द एलायंस’ को जो तत्व सबसे ज्यादा मजबूती देता है, वह हैं इसके होस्ट कुणाल खेमू. कुणाल ने अपनी टाइमिंग और सहज अभिनय से हमेशा प्रभावित किया है, लेकिन बतौर होस्ट उनका यह रूप बेहद ताजगीभरा है. वह इस शो में बेहद तेज-तर्रार, बेबाक और अप्रत्याशित नजर आ रहे हैं. उनकी हाजिरजवाबी और शांत, लेकिन सख्त रवैया प्रतियोगियों को हर वक्त सावधान रहने पर मजबूर करता है. इस तरह के कूटनीतिक शो के लिए कुणाल खेमू की गर्मजोशी और स्मार्ट होस्टिंग बिल्कुल सटीक बैठती है.

द सिस्टम: शो की अदृश्य और सर्वशक्तिमान ताकत
इस शो में बिग बॉस की तरह कोई इंसानी आवाज नहीं बल्कि ‘द सिस्टम’ को सबसे बड़ी ताकत के रूप में स्थापित किया गया है. मुख्यालय के विशालकाय स्क्रीन के जरिए संचालित होने वाला यह ‘सिस्टम’ घर के हर एक कोने पर नजर रखता है. खिलाड़ियों के हर एक मूव को रिकॉर्ड करना, रियल-टाइम में उनका स्कोर कार्ड मेंटेन करना और खेल के बीच में अचानक ‘गेम चेंजर ट्विस्ट’ लेकर आना इसी सिस्टम का काम है. इसकी वजह से कोई भी खिलाड़ी कभी भी खुद को पूरी तरह से सेफ या गेम के कंट्रोल में महसूस नहीं कर पाता.

टीम ब्रेकडाउन: 4 एलायंस का महासंग्राम
शो की शुरुआत में ही इन 16 खिलाड़ियों को चार अलग-अलग और मजबूत एलायंस (टीमों) में बांटा गया है, जो इस प्रकार हैं:

1. किंग्स (Kings): इस टीम में भोजपुरी और बॉलीवुड के कड़क स्टार रवि किशन के साथ-साथ पायल धारे, वंशज सिंह और अरमान खेरा जैसे कड़क दिमाग वाले खिलाड़ी शामिल हैं.

2. वॉरियर्स (Warriors): टीवी के डैशिंग स्टार कुशाल टंडन, निखिल चिनापा, खूबसूरत डेजी शाह और सोशल मीडिया स्टार रुही दोसानी की यह टीम बेहद आक्रामक नजर आ रही है.

3. हंटर्स (Hunters): रीवा किशन, डेलबार आर्या, सब्बी सूरी और डॉली जावेद से सजी यह टीम खेल में साइलेंट किलर की भूमिका निभाती दिख रही है.

4. लेजेंड्स (Legends): मिनी माथुर, अरसलान गोनी, जैद दरबार और नीति टेलर जैसी अनुभवी और परिपक्व हस्तियों से सजी यह टीम रणनीतिक रूप से सबसे मजबूत दावेदार दिख रही है.

नियम, प्राइज मनी और डेली-रिलीज का मास्टरस्ट्रोक
‘द एलायंस’ के कड़े नियमों के मुताबिक भले ही यह टीमों का खेल है, लेकिन अंत में ट्रॉफी और 50 लाख की भारी-भरकम प्राइज मनी किसी एक ही विजेता खिलाड़ी को मिलेगी. यानी टीम के भीतर भी हर खिलाड़ी को अपनी व्यक्तिगत गोटियां बहुत संभालकर चलनी होंगी. सोने पर सुहागा यह है कि हर हफ्ते शो में नए वाइल्ड कार्ड प्रतियोगियों की एंट्री होगी और चौंकाने वाले एलिमिनेशन देखने को मिलेंगे. मेकर्स ने इस शो को ‘डेली-रिलीज’ फॉर्मेट में पेश करके एक बहुत बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है. वीकेंड के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए दर्शक अब हर दिन इस गेमप्ले का आनंद ले सकते हैं, जिससे शो की रफ्तार और रोमांच लगातार शीर्ष पर बने रहते हैं.

अंतिम फैसला
शॉर्ट में कहा जाए तो ‘द एलायंस’ इंडियन ओटीटी स्पेस में रियलिटी कंटेंट के स्तर को कई पायदान ऊपर ले जाता है. बनिजय एशिया का यह प्रयोग पूरी तरह से सफल नजर आ रहा है, जो दर्शकों की बुद्धिमत्ता का सम्मान करता है. कड़क विजुअल्स, सस्पेंस से भरपूर बैकग्राउंड स्कोर और कुणाल खेमू की लाजवाब होस्टिंग इस शो को एक मस्ट-वॉच बनाती है. मेरी ओर से इस शो को 5 में से 4 स्टार.

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