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₹430 में दान की गई जमीन 26 साल बाद बेची 95 करोड़ में, अरबों छापने का है प्लान, US में लोग पहुंच गए कोर्ट

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Published On: June 24, 2026

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साल 1999 में टेक्सास के एक किसान परिवार ने पार्क बनाने के लिए 10 डॉलर में जमीन दी. इसमें वादा किया गया कि इस जमीन में सिर्फ पार्क बनेगा. लेकिन अब उस जमीन को 1 करोड़ डॉलर में बेचा गया है. इस पर अब डेटा सेंटर बनाने की तैयारी चल रही है. लेकिन अब लोग इसके विरोध में आ गए हैं.

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जमीन. (AI Generated Photo)

अमेरिका के टेक्सास राज्य के टेलर शहर की जमीन चर्चा में आ गई है. दिलचस्प बात यह है कि यह जमीन कभी सिर्फ 10 डॉलर में इस शर्त पर दान की गई थी कि यहां एक पार्क बनाया जाएगा. लेकिन अब उसी जमीन पर करोड़ों डॉलर का डेटा सेंटर बनाने की तैयारी हो रही है. करीब 26 साल पुरानी एक जमीन का टुकड़ा आज बड़े कानूनी विवाद का केंद्र बन गई है.

ये है पूरा मामला

यह कहानी 1999 में शुरू हुई थी, जब टेक्सास के किसान टी.जे. ब्लैंड के परिवार ने लगभग 88 एकड़ जमीन केवल 10 डॉलर में दी थी. उस समय के हिसाब ये कीमत 430 रुपए बनती है. ये जमीन टेक्सास पार्क्स एंड रिक्रिएशन फाउंडेशन को दी गई. जमीन के दस्तावेज में साफ लिखा गया था कि इस जमीन का इस्तेमाल पार्क बनाने के लिए किया जाएगा. स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्लैंड चाहते थे कि यह जमीन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मनोरंजन स्थल बने.

कई बार बिकी जमीन

लेकिन अगले कुछ सालों में यह जमीन कई संस्थाओं के हाथों से गुजरती रही. पहले इसे एक पार्क फाउंडेशन को दिया गया, फिर टेलर शहर के पास पहुंची. साल 2008 में शहर ने इसे टेलर इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को 14 लाख रुपए में बेच दिया.

सबसे बड़ा मोड़ 2025 में आया, जब TEDC ने यही जमीन डेटा सेंटर डेवलपर ब्लूप्रिंट को 1 करोड़ डॉलर यानी 95 करोड़ रुपए में बेच दी. अब ब्लूप्रिंट है कि यहां 1.35 लाख वर्ग फुट का विशाल डेटा सेंटर बनाना चाहता है. यहां इंटरनेट, क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी सर्विस के लिए सर्वर लगाए जाएंगे.

स्थानीय लोगों ने जताया विरोध

यहीं से विवाद शुरू हो गया. आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि जिस जमीन को पार्क बनाने के लिए दान किया गया था, उसे बिजनेस प्रोजेक्ट में नहीं बदला जाना चाहिए. उन्हें शोर, बिजली की भारी खपत, पानी के इस्तेमाल और इलाके के लाइफस्टाइल पर पड़ने वाले असर की भी चिंता है.

दूसरी तरफ, नगर प्रशासन का कहना है कि यह प्रोजेक्ट अगले 10 सालों में लगभग 3 करोड़ डॉलर का टैक्स पैदा कर सकती है. अधिकारियों ने बताया इसमें से करीब 2 करोड़ डॉलर यहां के स्कूलों को मिल सकते हैं. इससे शिक्षा और बुनियादी ढांचे को फायदा होगा.

अब अदालत पहुंचा मामला

मामला अब अदालत तक पहुंच चुका है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जमीन दान करते समय जो पार्क की शर्त आज भी कानूनी रूप से लागू है या नहीं. इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. इस मामले का फैसला यह भी तय कर सकता है कि अमेरिका में दान की गई जमीनों पर लगी ऐसी शर्तों को भविष्य में कैसे देखा जाएगा.

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सज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor

मैं इस समय News18 App टीम का हिस्सा हूं. News18 App पर आप आसानी से अपनी मनपसंद खबरें पढ़ सकते हैं. मुझे खबरें लिखने का 4 साल से अधिक का अनुभव है और फिलहाल अभी सीनियर सब एडिटर के पद पर हूं. इससे पहले इनशॉर्ट्स औ…और पढ़ें

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