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निचलौल के रामजानकी मंदिर में सदियों पुराना अनोखा गुलर का पेड़, राजा रत्नसेन से है नाता, जाने रहस्य

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Published On: May 1, 2026

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महराजगंज जिले का निचलौल ऐतिहासिक क्षेत्र है. पहले इस क्षेत्र में राजा रत्नसेन का शासन हुआ करता था. हालांकि 1857 की क्रांति के बाद अंग्रेजों के आक्रमण के बाद राजा रत्नसेन का साम्राज्य यहां से धीरे धीरे खत्म हो गया. इसके बावजूद वर्तमान समय में भी इस क्षेत्र में उनसे जुड़ी कई विरासत देखने को मिलते हैं. जिले के निचलौल में रमजानकी मंदिर है जिसके बारे में ऐसा कहा जाता है कि आज के समय में जहां यह मंदिर है पहले वहां राजा रत्नसेन का दरबार लगता था.

​महराजगंज जिले का निचलौल ऐतिहासिक क्षेत्र है. पहले इस क्षेत्र में राजा रत्नसेन का शासन हुआ करता था. हालांकि 1857 की क्रांति के बाद अंग्रेजों के आक्रमण के बाद राजा रत्नसेन का साम्राज्य यहां से धीरे धीरे खत्म हो गया. इसके बावजूद वर्तमान समय में भी इस क्षेत्र में उनसे जुड़ी कई विरासत देखने को मिलते हैं. जिले के निचलौल में रमजानकी मंदिर है जिसके बारे में ऐसा कहा जाता है कि आज के समय में जहां यह मंदिर है पहले वहां राजा रत्नसेन का दरबार लगता था.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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