भारतीय संस्कृति में शादी के बंधन को सबसे पवित्र माना गया है. यह दो आत्माओं का मिलन है. शादी सात जन्मों का बंधन है. अगर कोई जोड़ा शादी के बंधन में बंध गया तो फिर यह मायने नहीं रखता कि उनका अतीत क्या था. ‘तलाक’ भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है. इन्हीं बातों को आधार बनाकर बॉलीवुड में कई फिल्में बनाई गई हैं. 45 साल पहले ऐसी ही एक फिल्म रिलीज हुई थी. इसी मूवी से मिलती-जुलती एक और फिल्म 16 साल बाद बनाई गई. दूसरी फिल्म और ज्यादा पॉप्युलर हुई. गीत-संगीत, कहानी की प्रस्तुति सबकुछ बेजोड़ था.भारतीय संस्कृति में शादी के बंधन को सबसे पवित्र माना गया है. यह दो आत्माओं का मिलन है. शादी सात जन्मों का बंधन है. अगर कोई जोड़ा शादी के बंधन में बंध गया तो फिर यह मायने नहीं रखता कि उनका अतीत क्या था. ‘तलाक’ भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है. इन्हीं बातों को आधार बनाकर बॉलीवुड में कई फिल्में बनाई गई हैं. 45 साल पहले ऐसी ही एक फिल्म रिलीज हुई थी. इसी मूवी से मिलती-जुलती एक और फिल्म 16 साल बाद बनाई गई. दूसरी फिल्म और ज्यादा पॉप्युलर हुई. गीत-संगीत, कहानी की प्रस्तुति सबकुछ बेजोड़ था.
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45 साल आई वो फिल्म, रिलीज होते ही निकली हिट, रीमेक हुई मैसिव हिट, बनी आइकॉनिक मूवी


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विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More










