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FIFA World Cup Germany vs Paraguay: जर्मनी और पराग्वे के बीच फीफा वर्ल्ड कप का मुकाबला अब तक चर्चा में बना हुआ है. वीडियो असिस्टेंट रेफरी के विवादित फैसले के बाद अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है. जर्मन अखबार ‘बिल्ड’ के मुताबिक, टीम के 4 खिलाड़ियों ने पेनाल्टी शूट में शॉट लेने से मना कर दिया था.
जर्मनी की हार के बाद खुलासा, 4 खिलाड़ियों ने पेनल्टी लेने से किया था मना
नई दिल्ली. जर्मनी की टीम का फीफा वर्ल्ड कप से बाहर होना हर किसी के लिए हैरान करने वाला था. राउंड ऑफ 32 में पराग्वे ने 4 बार की चैंपियन को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 (1-1) से हरा बाहर का रास्ता दिखाया. एक्स्ट्रा टाइम में जोनाथन ताह के हेडर को VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) ने खारिज कर दिया था. जिसे लेकर विवाद हो गया और इस पर अभी भी बहस जारी है. अब मैच से जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आ है जिसने हर एक जर्मनी के फैन को हिला कर रख दिया. जानकारी के मुताबकि मैनुअल नोयर की शानदार बचाव के बाद जब स्कोर 3-3 हो गया और छठी पेनल्टी लेनी थी. ऐसे समय में जर्मनी के चार खिलाड़ियों ने शॉट लेने से इनकार कर दिया.
जर्मनी ने वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की थी और कुरासाओ को 7-1 से हराया. दूसरे ग्रुप मैच में आइवरी कोस्ट के खिलाफ मुश्किल से जीत मिली. जूलियन नागेल्समान की टीम अपनी गलतियों से सबक नहीं ले सकी और ग्रुप E के आखिरी मैच में इक्वाडोर से 1-2 से हार गई. राउंड ऑफ 32 में पराग्वे के खिलाफ मुकाबले में जर्मनी को 1-1 की बराबरी पर रोका गया. एक्स्ट्रा टाइम में ताह का हेडर VAR के फैसले के कारण रद्द हो गया. पेनल्टी शूटआउट में कुल 10 शॉट्स के बाद स्कोर 3-3 था और छठी पेनल्टी लेने के लिए ताह आगे आए. यह ताह के अंतरराष्ट्रीय करियर की पहली पेनल्टी थी और उनके शॉट में अनुभव की कमी साफ दिखी. ताह की किक गोल से काफी दूर चली गई और पराग्वे ने जर्मनी के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली.
खेल में पेनल्टी चूक होना आम बात है, लेकिन शर्मनाक बात यह रही कि जर्मनी के चार खिलाड़ियों ने छठी पेनल्टी लेने से इसलिए मना कर दिया. बताया जा रहा है कि खिलाड़ियों में आत्मविश्वास नहीं था. जर्मन अखबार ‘बिल्ड’ के मुताबिक, ताह ने छठी पेनल्टी की जिम्मेदारी तब उठाई जब उनके चार साथी खिलाड़ियों ने हिचकिचाहट दिखाई. लियोन गोरेट्ज़का, वाल्डेमार एंटोन, नाथानिएल ब्राउन और मलिक थियाउ सडन डेथ के नाम सामने आए हैं. ये सारे खिलाड़ी पेनल्टी लेने को लेकर खुद को तैयार नहीं महसूस कर रहे थे.
खास बात यह है कि गोरेट्ज़का से कप्तान जोशुआ किमिख ने दो बार पेनल्टी लेने को कहा लेकिन उन्होंने दोनों बार मना कर दिया. गोरेट्ज़का जर्मन टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं. ऐसे में उनका पेनल्टी लेने से पीछे हटना सबसे चौंकाने वाला फैसला माना जा रहा है. आखिर में जर्मनी की ओर से काई हैवर्ट्ज़, निक वोल्टेमाडे और अंत में जोनाथन ताह पेनल्टी चूक गए. टीम लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप में राउंड ऑफ 16 तक भी नहीं पहुंच सकी.
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विप्लव कुमार 2022 से न्यूज18 के साथ काम कर रहे हैं. रीडर्स के लिए दिन की शुरुआत अच्छी हो इसकी खास जिम्मेदारी उनके कंधे पर होती है. सुबह की शिफ्ट में आकर पिछले दिन हुई रोचक घटना से लेकर पूरे दिन होने वाली गतिविध…और पढ़ें












