Last Updated:
बॉलीवुड के मशहूर एक्टर अरशद वारसी ने हाल ही में चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि ‘जॉली LLB 2’ में अक्षय कुमार को कास्ट करने का आइडिया खुद उनका था. उन्होंने निर्देशक सुभाष कपूर को अक्षय को फिल्म में लेने की सलाह दी थी. एक्टर ने ये भी बताया कि कैसे ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ जैसी ब्लॉकबस्टर के बाद उन्हें काम मिलना ही बंद हो गया था्.
अरशद वारसी हाल ही में ये खुलासे किए हैं.
नई दिल्ली. बॉलीवुड के सबसे वर्सेटाइल एक्टर्स में शुमार अरशद वारसी ने अपने तीन दशक लंबे करियर में ‘मुन्ना भाई’ सीरीज, ‘सहर’, ‘इश्किया’ और ‘जॉली एलएलबी’ जैसी फिल्मों से अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है. इसके बावजूद, उन्हें कई बार इंडस्ट्री में केवल कॉमेडी रोल्स तक सीमित कर दिया गया. लेकिन अरशद को कभी भी सोलो लीड न होने का मलाल नहीं रहा, क्योंकि उन्होंने हमेशा व्यावहारिक सोच को तवज्जो दी. न्यूज18 को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अरशद वारसी ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने बताया कि साल 2013 की हिट फिल्म ‘जॉली एलएलबी’ में मुख्य भूमिका निभाने के बाद, इसके सीक्वल ‘जॉली एलएलबी 2’ में अक्षय कुमार को स्टार बनाने के पीछे उनका ही हाथ था.
इंटरव्यू में अरशद वारसी ने कहा कि उन्हें कभी इस बात का अफसोस नहीं रहा कि वह हर फिल्म में लीड हीरो नहीं बने. उन्होंने कहा- ‘जहां तक लीड रोल न करने की बात है, तो मेरे करियर के पहले दिन से ही मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ा. मुझे बस अपना काम करना पसंद है. मुझे अच्छी स्क्रिप्ट और अच्छे रोल पसंद हैं. बस इतना ही… अगर आप मेरे पूरे करियर का ग्राफ देखें, तो वह हमेशा ऐसा ही रहा है’.
‘जॉली एलएलबी 2’ को लेकर किया खुलासा
उन्होंने कहा कि अपने पूरे करियर में उन्होंने कई ऐसी फिल्मों को ठुकराया, जिनमें उन्हें सोलो हीरो बनने का मौका मिल रहा था. उन्होंने बड़ा खुलासा ‘जॉली एलएलबी 2’ को लेकर किया. बातचीत में उन्होंने आगे बताया कि जब फिल्म के निर्माता-निर्देशक सुभाष कपूर इसके दूसरे भाग की तैयारी कर रहे थे. तब अक्षय कुमार इस रोल में दिलचस्पी दिखा रहे थे, तब उन्होंने खुद सुभाष कपूर को सलाह दी कि फिल्म अक्षय कुमार के साथ बनानी चाहिए.
जब मेकर्स से बोले- ‘अक्षय 5000 लोग लाएंगे, मैं 500’
अरशद ने मेकर्स को समझया और कहा, ‘अगर मैं 500 लोगों को सिनेमाघर तक ला सकता हूं तो अक्षय कुमार 5000 लोगों को लेकर आएंगे. उनकी मौजूदगी फिल्म के फ्रेम को और बड़ा बना देगी. मैं उन लोगों में था, जिसने सुभाष कपूर को अक्षय कुमार के साथ फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया.’ उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए किसी फिल्म में लीड रोल निभाना कभी अहम नहीं रहा. वह असरदार रोल्स पर ज्यादा महत्व देते हैं.
जहन में बस गईं नसीरुद्दीन शाह
अपने करियर के शुरुआती दिनों की बात भी उन्होंने की. उन्होंने कहा कि नसीरुद्दीन शाह की तारीफ भरी बातें उनके जहन में बस गईं और उन्होंने हमेशा उन्हें माना. वे बताते हैं, ‘यह बात नसीर साहब ने मुझसे कही थी. उन्होंने कहा था कि मैं ‘सर्किट’ का किरदार इसलिए इतने अच्छे से निभा पाया क्योंकि संजय दत्त के सामने मेरा कोई ईगो नहीं था. उन्होंने कहा कि अगर मैं खुद को हीरो से बड़ा समझता, तो ‘सर्किट’ का रोल नहीं कर पाता.’
मुन्नाभाई के बाद नहीं मिला काम
अरशद कहते हैं, ‘तो, मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो सिर्फ सोलो लीड रोल ही करना चाहे.’ अरशद ने अपने करियर के मुश्किल दौर को याद करते हुए बताया कि ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ जैसी बड़ी सफलता के बाद भी उन्हें लंबे समय तक काम नहीं मिला. वह इस बात को नहीं पचा पा रहे थे कि फिल्म के ब्लॉकबस्टर होने के बाद भी क्यों उन्हें काम नहीं मिल पा रहा है.
जब राजकुमार हिरानी से पूछा- मुझे काम क्यों नहीं मिल रहा?
परेशान होकर उन्होंने निर्देशक राजकुमार हिरानी से भी पूछा था कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है. उन्होंने बताया कि राजकुमार हिरानी ने जवाब दिया था कि समस्या यह नहीं थी कि उन्होंने अच्छा काम नहीं किया. बल्कि इंडस्ट्री यह तय नहीं कर पा रही थी कि उन्हें किस तरह की भूमिकाओं में फिट किया जाए. न वह पारंपरिक सोलो हीरो की छवि में फिट बैठते थे और न ही किसी तय ढांचे में. यही असमंजस उनके करियर की सबसे बड़ी चुनौती बन गया.
About the Author
.jpg)
शिखा पाण्डेय पिछले 15 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में एक्टिव हैं. शिखा दिसंबर 2019 से न्यूज 18 हिंदी के साथ हैं और बतौर चीफ सब एडिटर के पद काम कर रही हैं. पिछले 6 सालों से वह एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही …और पढ़ें












