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Erling Haaland: एर्लिंग हालैंड ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ब्राजील के खिलाफ दो गोल दागकर अपनी टीम को पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि 2016 में वह भारत की अंडर-17 टीम के खिलाफ भी खेल चुके हैं. उस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले हाफ तक हालैंड को गोल नहीं करने दिया था. हालांकि, भारत को मिले एक रेड कार्ड के बाद कहानी पूरी तरह बदल गई. चलिए जानते हैं उस मुकाबले का रोमांच…
एर्लिंग हालैंड ने भारत के खिलाफ 10 साल पहले खेला था अंडर-17 का मैच.
नई दिल्ली. फुटबॉल की दुनिया में कुछ खिलाड़ी सिर्फ गोल नहीं करते, बल्कि हर एक गोल के साथ नया इतिहास लिखते जाते हैं. नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में कुछ ऐसा ही कर दिखाया. क्वार्टर फाइनल का टिकट दिलाने वाले मुकाबले में उन्होंने ब्राजील जैसी पांच बार की विश्व चैंपियन टीम के खिलाफ दो गोल दागकर पूरी दुनिया को चौंका दिया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही एर्लिंग हालैंड करीब 10 साल पहले भारत के खिलाफ भी मैदान में उतर चुके हैं? उस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले हाफ तक उन्हें गोल करने का मौका नहीं दिया था. हालांकि, एक रेड कार्ड के बाद मैच का पूरा रुख बदल गया. यह कहानी सिर्फ एक मैच की नहीं, बल्कि दो देशों के फुटबॉल सफर की भी है.
ब्राजील को हराकर इतिहास रचने वाला नायक
वर्ल्ड कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे का सामना ब्राजील जैसी मजबूत टीम से था. अधिकांश विशेषज्ञ ब्राजील को जीत का दावेदार मान रहे थे, लेकिन हालैंड ने मैदान पर सारी भविष्यवाणियां गलत साबित कर दीं. 79वें मिनट में उन्होंने हेडर से बढ़त दिलाई और फिर मैच खत्म होने से पहले दूसरा गोल करके नॉर्वे की 2-1 की ऐतिहासिक जीत पक्की कर दी. इसी के साथ नॉर्वे पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया.
हालैंड ने नॉर्वे को क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया.
जब भारत के खिलाफ उतरे थे हालैंड
आज दुनिया के सबसे खतरनाक स्ट्राइकर माने जाने वाले हालैंड को कभी भारत की जूनियर टीम ने भी लंबे समय तक गोल करने से रोके रखा था. बात 10 साल पहले 2016 की है, जब भारत की अंडर-17 टीम फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप की तैयारी कर रही थी. इसी दौरान उसका मुकाबला नॉर्वे की अंडर-16 टीम से हुआ. उस टीम में एर्लिंग हालैंड भी शामिल थे. पहले 45 मिनट तक भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार डिफेंस किया और स्कोर 0-0 रहा. उस समय तक हालैंड भी गोल करने में सफल नहीं हुए थे.
एक रेड कार्ड और बदल गई पूरी कहानी
दूसरे हाफ में भारत के डिफेंडर संजीव स्टालिन को दूसरा पीला कार्ड मिलने के बाद मैदान छोड़ना पड़ा. भारत 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हो गया. बस यहीं से मैच पलट गया. 57वें मिनट में हालैंड ने पहला गोल दागा और इसके बाद एरिक बोथीम ने दूसरा गोल करके नॉर्वे को 2-0 से जीत दिला दी. अगर भारतीय टीम पूरे 11 खिलाड़ियों के साथ खेलती रहती तो मुकाबला शायद और ज्यादा रोमांचक हो सकता था.
एक तरफ हालैंड, दूसरी तरफ भारतीय फुटबॉल
उस नॉर्वे टीम का हिस्सा रहे हालैंड आज विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े सुपरस्टार हैं. इंग्लिश क्लब फुटबॉल से लेकर वर्ल्ड कप तक, वह लगातार ‘गोल मशीन’ साबित हुए हैं. दूसरी ओर, भारत की उस अंडर-17 टीम के कई खिलाड़ी बाद में सीनियर राष्ट्रीय टीम और इंडियन सुपर लीग (ISL) में जरूर पहुंचे, लेकिन भारतीय फुटबॉल वैसी छलांग नहीं लगा सका, जैसी उम्मीद की जा रही थी.
गोल्डन बूट की दौड़ में भी सबसे आगे
ब्राजील के खिलाफ दो गोल करने के बाद हालैंड इस वर्ल्ड कप में सात गोल कर चुके हैं. वह गोल्डन बूट की रेस में दुनिया के बड़े सितारों सितारे काइलियन एमबाप्पे और लियोनेल मेसी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं. महज 26 साल की उम्र में हालैंड ने नॉर्वे के फुटबॉल इतिहास में वह मुकाम हासिल कर लिया है, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक मुश्किल मानी जाती थी.
दो देशों की दो अलग कहानियां
2016 में भारत और नॉर्वे की जूनियर टीमें लगभग बराबरी की टक्कर देती नजर आई थीं. पहले हाफ तक भारत ने दुनिया के भविष्य के सबसे खतरनाक स्ट्राइकर को गोल नहीं करने दिया था, लेकिन अगले दस वर्षों में दोनों देशों का सफर बिल्कुल अलग दिशा में चला गया. नॉर्वे ने हालांड जैसे खिलाड़ियों के दम पर विश्व फुटबॉल में अपनी पहचान बनाई और अब वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल तक पहुंच गया. वहीं, भारत आज भी फीफा रैंकिंग (138वें स्थान) में काफी पीछे है और विश्व फुटबॉल के बड़े मंच पर वापसी का इंतजार कर रहा है.
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शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें












