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ट्रंप के एक कॉल ने पलट दिया FIFA का फैसला! वर्ल्ड कप में क्यों मचा हुआ है हंगामा? जानें पूरा मामला

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Published On: July 6, 2026

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Donald Trump FIFA Controversy: फोलारिन बेलोगुन का एक मैच का प्रतिबंध हटाए जाने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. बेल्जियम फुटबॉल महासंघ और यूएफा ने फीफा के फैसले को खेल की निष्पक्षता के खिलाफ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया कि उन्होंने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से बेलोगुन के रेड कार्ड की समीक्षा करने को कहा था. इसने विश्व कप में राजनीतिक दखल और खेल की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है.

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अमेरिका और बेल्जियम के मैच को लेकर बवाल.

नई दिल्ली. फुटबॉल विश्व कप में उस समय हंगामा मच गया, जब बेल्जियम ने अमेरिकी फारवर्ड फोलारिन बेलोगुन पर मैच के लिए प्रतिबंध नहीं लगाने के फीफा के फैसले का विरोध किया. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फुटबॉल संस्था के प्रमुख को मनाने का श्रेय लिया. फुटबॉल की सबसे बड़ी प्रतियोगिता की निष्पक्षता पर हमला हुआ जो साफ तौर पर राजनीतिक दखलंदाजी का मामला लग रहा था. फीफा के नियमों के सख्त पालन से अमेरिका को वैश्विक खेल से निलंबित किया जा सकता था.

‘मैंने सिर्फ फैसले की समीक्षा करने को कहा था’
ट्रंप ने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से बात करने का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने बस रैफरी के उस ‘बेहद खराब’ फैसले की ओर इशारा किया था, जिसमें पिछले बुधवार को राउंड ऑफ 32 मैच में बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाड़ी पर गलत टैकल के लिए बेलोगुन को लाल कार्ड दिया गया था. ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने बस समीक्षा करने के लिए कहा था. मुझे नहीं लगा कि यह फाउल था.’

96 साल के इतिहास का सबसे बड़ा विवाद?
उन्होंने अपने करीबी सहयोगी इन्फेंटिनो से बेलोगुन पर एक मैच का प्रतिबंध नहीं लगाने के लिए लॉबिंग की थी. विश्व कप के 96 साल के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा विवाद बनता जा रहा है, जबकि कुछ घंटों बाद सिएटल में अमेरिका-बेल्जियम मैच होना है जिसका विजेता क्वार्टर फाइनल में जगह बनाएगा.

बेल्जियम और यूएफा ने फीफा के फैसले पर जताई आपत्ति
बेल्जियम फुटबॉल महासंघ ने एक बयान में कहा कि वह ‘बहुत चिंतित’ है. बयान में फीफा के प्रति स्पष्ट निराशा जाहिर की गई क्योंकि बेलोगुन से जुड़े फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया तय करने में अच्छी नीयत की कमी दिखी. इससे पहले यूरोपीय फुटबॉल संस्था यूएफा ने फीफा के ‘समझ से बाहर और अनुचित फैसले’ की आलोचना की थी. यूएफा ने कहा कि बेलोगुन पर अनिवार्य एक मैच का प्रतिबंध नहीं लगाकर फीफा ने सीमा पार की है.

नॉर्वे के कोच बोले- ‘इससे विश्व कप की साख को नुकसान’
इस फैसले की दुनिया भर में कड़ी आलोचना हुई. नॉर्वे के कोच स्टेल सोलबक्केन ने रविवार को अपनी टीम के ब्राजील को हराकर क्वार्टर क्वार्टर में पहुंचने के बाद कहा, ‘यह बहुत, बहुत, बहुत, बहुत, बहुत बुरा फैसला है जो विश्व कप को नुकसान पहुंचाएगा.’ यूएफा ने कहा, ‘जब नियमों को लागू करने वाले ही उनकी निश्चितता की गारंटी नहीं देते तो खेल की ईमानदारी खतरे में पड़ जाती है और प्रतियोगिता की विश्वसनीयता कम हो जाती है.’

इन्फेंटिनो ने किया बचाव
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो का कहना है कि उन्होंने अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बेलोगुन के लाल कार्ड के कारण निलंबन के बारे में डोनाल्ड ट्रंप से बात की और अमेरिकी राष्ट्रपति को समझाया कि इस मामले पर फैसला फीफा के स्वतंत्र न्यायिक निकाय लेंगे.

बेलोगुन को मिली राहत, अब फीफा के फैसले को चुनौती देगा बेल्जियम
इस पूरा मामले पर इन्फेंटिनो ने ‘एक्स’ पर एक बयान में कहा, ‘हमारी बातचीत के दौरान मैंने समझाया कि फीफा के स्वतंत्र न्यायिक निकायों से जुड़ी एक कानूनी प्रक्रिया चल रही है और सक्षम निकाय सही समय पर इस मामले का फैसला करेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘फीफा की प्रणाली इसी तरह काम करती है और यह एक ऐसा सिद्धांत है जिसका मैं हमेशा पालन करूंगा.’ फीफा द्वारा एक मैच का निलंबन हटाए जाने के बाद बेलोगुन को सोमवार को बेल्जियम के खिलाफ विश्व कप के राउंड ऑफ 16 मैच में अमेरिका के लिए खेलने की मंजूरी मिल गई. बेल्जियम ने कहा कि वह इस फैसले को चुनौती दे रहा है.

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Shivam Upadhyay

शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें

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