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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया को चौंकाते हुए कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की दोनों अब युद्ध खत्म करना चाहते हैं. यह दावा ऐसे वक्त आया है, जब रूस ने कीव पर भीषण हवाई हमला कर एक बार फिर युद्ध की भयावह तस्वीर दुनिया के सामने रख दी.
ट्रंप ने पुतिन और जेलेंस्की से अलग-अलग बातचीत की और जल्द शांति की उम्मीद जताई. (फाइल फोटो)
वॉशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अपने देशों के बीच जारी युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस ने कीव पर ताजा हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई.
अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “राष्ट्रपति पुतिन इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं. मैं यह बात पूरे दृढ़ता से कह सकता हूं. हमारी अच्छी बातचीत हुई. राष्ट्रपति जेलेंस्की भी अब वास्तव में युद्ध समाप्त करना चाहते हैं. हम नाटो सम्मेलन में जा रहे हैं और वहां भी इस मुद्दे पर चर्चा होगी.”
ट्रंप न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज और नैस्डैक में बच्चों के लिए ‘ट्रंप अकाउंट्स’ योजना की शुरुआत के अवसर पर ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने बताया कि सप्ताहांत में उन्होंने पुतिन और ज़ेलेंस्की से फोन पर अलग-अलग बातचीत कर यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा की. रूस-यूक्रेन युद्ध का उल्लेख करते हुए ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान सहित आठ युद्धों को रुकवाया. उन्होंने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष से परमाणु युद्ध का खतरा भी था.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “मैंने आठ युद्ध खत्म कराए. मुझे लगा था कि यूक्रेन से जुड़ा मामला आसान होगा, क्योंकि मैं दोनों नेताओं को जानता हूं. मैंने भारत-पाकिस्तान के बीच भी तनाव कम कराया.” उन्होंने कहा, “वह स्थिति परमाणु युद्ध तक पहुंच सकती थी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के अनुसार, इसमें चार से पांच करोड़ लोगों की जान जा सकती थी. 11 विमान गिराए जा चुके थे और चार दिनों तक संघर्ष जारी था, लेकिन मैंने उसे रुकवा दिया.”
ट्रंप का यह बयान पिछले वर्ष भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संदर्भ में था. हालांकि, भारत किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावों को लगातार खारिज करता रहा है. नयी दिल्ली का कहना है कि मई 2025 में पाकिस्तान के साथ संघर्ष समाप्त करने पर सहमति दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच हुई प्रत्यक्ष बातचीत के बाद बनी थी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें












