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बॉलीवुड की टैलेंटेड एक्ट्रेस जीनत अमान ने एक बार हिंदी फिल्मों में महिलाओं के किरदारों को लेकर खुलकर अपनी राय रखी थी. उन्होंने कहा था कि लंबे समय तक फिल्मों में ज्यादातर एक्ट्रेसेस को सिर्फ गाने और डांस तक सीमित रखा गया. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि अब वक्त बदल रहा है और एक्ट्रेसेस दमदार किरदारों की मांग कर रही हैं.
नई दिल्ली. बॉलीवुड की बेबाक एक्ट्रेस पुराने दौर के किस्सों को लेकर अक्सर पोस्ट शेयर करती रहती हैं. अब जीनत ने बताया है पुराने दौर में इंडस्ट्री में एक्ट्रेसेस के लिए फिल्मों में किस तरह के रोल होते थे. उनके लिए सिर्फ कुछ गिने चुने ही काम थे. लेकिन अब काफी कुछ बदल गया है.

जीनत अमान ने अपने करियर में हर तरह के रोल निभाए हैं. 70-80 के दशक में तो वह छाई रहती थीं. बोल्ड किरदारों के जरिए इंडस्ट्री में उन्होंने अलग जगह बनाई थी. अब डॉक्यूमेंट्री ‘Journey Into India’ के दौरान बातचीत में उन्होंने बताया था कि लंबे समय तक फिल्मों में ज्यादातर एक्ट्रेस को सिर्फ दिखावे के लिए ही फिल्मों में रखा जाता था.

‘यादों की बारात’ फेम जीनत अमान ने कहा था कि करीब 90 फीसदी फिल्मों में एक्ट्रेसेस के हिस्से ऐसे किरदार आते थे, जिनका कहानी में खास योगदान नहीं होता था. उनका काम सिर्फ गाने गाना, डांस करना और हीरो के आसपास नजर आना भर रह जाता था.
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अपनी बात आगे रखते हुए उन्होंने कहा कि अब बॉलीवुड में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल रहा है. उनके मुताबिक आज की अभिनेत्रियां सिर्फ ग्लैमरस रोल करने तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि दमदार और कहानी को आगे बढ़ाने वाले किरदारों की मांग कर रही हैं.

जीनत ने कहा था कि अब कई एक्ट्रेसेस ऐसी फिल्मों में काम करने से मना कर देती हैं, जहां उनके लिए करने को कुछ खास न हो. वे ऐसे रोल चाहती हैं जिनमें उनका भी बराबर का योगदान हो. उनके लिए करने के लिए कोई काम हो. अच्छी बात यह है कि अब उन्हें ऐसे मौके भी मिलने लगे हैं. उनके मुताबिक भारतीय महिलाओं को पर्दे पर ऐसे किरदार देखने चाहिए, जिनसे वे खुद को जोड़ सकें, सिर्फ सजावट की चीज के तौर पर नहीं.

अगर जीनत अमान के करियर की बात करें तो उन्होंने साल 1970 में फेमिना मिस इंडिया और मिस एशिया पैसिफिक इंटरनेशनल का खिताब अपने नाम किया था. इसके बाद उन्होंने 1971 में फिल्म ‘हलचल’ से बॉलीवुड में कदम रखा.

उन्हें असली पहचान देव आनंद की फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ से मिली. इसके बाद उन्होंने ‘यादों की बारात’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’, ‘अजनबी’, ‘वारंट’, ‘चोरी मेरा काम’, ‘धरम वीर’, ‘छैला बाबू’, ‘हम किसी से कम नहीं’ और ‘द ग्रेट गैम्बलर’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया और हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में अपनी जगह बनाई.

बता दें कि जीनत अमान ने फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा’ से इडंस्ट्री में अपनी धाक जमा ली थी. लेकिन साल 1978 में आई फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम में रूपा का किरदार निभाकर तो वह रातोंरात स्टार बन गई थीं. इस फिल्म के बाद वह मेकर्स की ही नहीं, ऑडियंस की भी फेवरेट एक्ट्रेस बन गई थीं.












