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खूबसूरत एक्टेस हेमा मालिनी ने अपने करियर में कई हिट फिल्में दीं. 70-80 के दशक में हेमा मालिनी ने रुपहले पर्दे पर राज किया. हेमा मालिनी ने 6 साल के अंतराल में दो ऐसी फिल्मों में काम किया जिन्होंने इतिहास रच दिया. एक फिल्म ने तो कई शहरों में ‘शोले’ के रिकॉर्ड तोड़ दिए. सबसे दिलचस्प बात यह है कि प्रोड्यूसर ने अपनी फिल्म को बकवास बताया था.
‘शोले’ फिल्म का नाम लेते ही मन-मस्तिष्क में कई तरह की यादें उभरने लगती हैं. ‘शोले’ जैसी फिल्में बार-बार नहीं बनतीं. इस फिल्म का एक-एक सीन, एक-एक डायलॉग हर सिने प्रेमी को याद है. शोले फिल्म 15 अगस्त 1975 में रिलीज हुई थी. करीब 3 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने उस समय 15 करोड़ की कमाई की थी. ‘शोले’ फिल्म के रिकॉर्ड टिकट बिके थे. इस फिल्म में धर्मेंद्र-अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी लीड रोल में थे. आगे चलकर हेमा मालिनी की एक फिल्म ने ‘शोले’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया. वो फिल्म थी ‘क्रांति’. मनोज कुमार ने यह फिल्म बनाई थी. आइये जानते हैं इस फिल्म से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स….

मनोज कुमार ने बतौर एक्टर 1957 में बॉलीवुड में एंट्री लेकिन सफलता 1962 में मिली. उनकी पहली हिट फिल्म ‘हरियाली और रास्ता’ थी जो कि 1962 में आई थी. 1965 की ‘शहीद’ फिल्म मनोज कुमार के करियर की पहली ब्लॉकबस्टर मूवी थी. इस फिल्म ने उन्हें स्टार बना दिया. इस फिल्म ने देशभक्ति से जुड़ी और फिल्म बनाने की प्रेरणा दी. फिर वो डायरेक्टर बन गए. बतौर डायरेक्टर उन्होंने उपकार (1967) फिल्म बनाई. फिर पूरब और पश्चिम (1970), रोटी कपड़ा और मकान (1974) बनाई.

मनोज कुमार ने अपने करियर की सबसे बेस्ट फिल्म ‘क्रांति’ बनाई जो कि 1981 में रिलीज हुई थी. यह एक मल्टी स्टारर फिल्म थी. पीरियड ड्रामा फिल्म थी. यह फिल्म मनोज कुमार ने अपने चहेते सुपर स्टार दिलीप कुमार के साथ बनाई थी. इस फिल्म को बनाते समय मनोज कुमार को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. दिलीप कुमार का मार्केट डाउन था, ऐसे में डिस्ट्रीब्यूटर्स ने मनोज कुमार को एडवांस देने से इनकार कर दिया. फिर उन्होंने अपना घर और प्लॉट बेच दिया.
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यह भी दिलचस्प संयोग है कि ‘शोले’ और ‘क्रांति’ फिल्म के स्क्रिप्ट राइटर सलीम-जावेद थे. डायलॉग मनोज कुमार ने लिखे थे. फिल्म में दिलीप कुमार, मनोज कुमार, शशि कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, हेमा मालिनी और परवीन बॉबी लीड रोल में थे. म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का था.

फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट था. फिल्म में कुल 7 गाने थे जिसमें से ‘लुई शमाशा लुई’, चना जोर गरम, अब के बरस तुझे धरती की रानी कर देंगे, दुर्गा है मेरी मां, अम्बे है मेरी मां, जिंदगी की ना टूटे घड़ी, मारा ठुमका बदल गई चाल मितवा शामिल थे. फिल्म का गाना ‘चरा जोर गरम बाबू मैं लाया मजेदार’ उन दुर्लभ सॉन्ग में शामिल है जिसे मोहम्मद रफी-किशोर कुमार ने मिलकर गाया है.

फिल्म जब बन रही थी, तब हेमा मालिनी की धर्मेंद्र के साथ नई-नई शादी हुई थी. हेमा उन दिनों ‘रजिया’ फिल्म के लिए शूटिंग करती थीं. हेमा मालिनी को एक सीन में सफेद साड़ी पहननी थी लेकिन उन्होंने बीमारी का बहाना बना लिया था. शादी के तत्काल बाद वो इस तरह का सीन नहीं करना चाहती थीं.

सबसे मजेदार बात यह है कि मनोज कुमार ने जब ‘क्रांति’ फिल्म के लिए मनोज कुमार से पहली बार फोन पर संपर्क किया था तो अपनी कहानी-रोल को बोगस बताया था. फिर कहानी तैयार की और दिलीप कुमार के घर पहुंचे. दिलीप कुमार के बड़े भाई नूर की तबीयत खराब थी, वो जल्दी में थे और अस्पताल जा रहे थे. ऐसे में मनोज कुमार ने दो-तीन मिनट में कहानी सुनाई.

‘क्रांति’ फिल्म ने उस समय करीब 20 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. फिल्म ने 1975 में आई ‘शोले’ फिल्म का रिकॉर्ड तोड़ दिया था. शोले ने 15 करोड़ की कमाई की थी. क्रांति एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई. यह 1981 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मूवी बनी. क्रांति 80 के दशक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक है. दिल्ली-यूपी और उत्तर भारत के कई शहरों ने मूवी ने ‘शोले’ फिल्म का रिकॉर्ड तोड़ दिया. इसी फिल्म ने दिलीप कुमार का करियर बचाया. ‘क्रांति’ फिल्म की दीवानगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली, राजस्थान, यूपी, हरियाणा में दुकानों में ‘क्रांति’ के टी-शर्ट, जैकेट्स और अंडरवियर खूब बिके थे.













