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US-India Trade Tariff : ‘भारत, अमेरिका से ज्यादा टैरिफ वसूलता है’! इसी भ्रम में ट्रंप ने कर डाला कांड

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Published On: June 24, 2026

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वाशिंगटन: डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनते ही भारत-अमेरिका के रिश्ते कभी नरम तो कभी गरम रहे हैं. खासकर टैरिफ के पेंच ने तो दोनों देशों के बीच ऐसी तनातनी पैदा की कि बड़ी ट्रेड डील ही अधर में लटक गई. इसी बीच अमेरिकी गलियारों में एक नई किताब ने तूफान खड़ा कर दिया है. न्यूयॉर्क टाइम्स के धाकड़ पत्रकारों की किताब ‘रेजीम चेंज’ में खुलासा हुआ है कि ट्रंप भारतीय टैरिफ के सरकारी आंकड़े देखकर इस कदर बौखला गए कि उन्होंने अपने ही मंत्री की क्लास लगा दी. ट्रंप ने गाली बकते हुए ऑफिशियल रिकॉर्ड को पूरी तरह ‘बकवास’ और झूठा करार दिया. उनका दावा है कि भारत असल में अमेरिकी सामानों पर सरकारी फाइलों से कहीं ज्यादा भारी टैक्स थोप रहा है.

भारतीय टैरिफ के सरकारी रिकॉर्ड को ट्रंप ने बताया ‘बकवास’

किताब में में दावा किया गया है कि ये बवाल तब हुआ जब, राष्ट्रपति ट्रंप को उनके कॉमर्स सेक्रेटरी यानी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने भारत द्वारा अमेरिकी सामानों पर लगाए जाने वाले टैरिफ का ब्योरा दिया. इसे देखकर ट्रंप लुटनिक पर बुरी तरह भड़क गए थे. ट्रंप को पूरा भरोसा था कि भारत अमेरिकी सामानों पर आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज्यादा टैक्स वसूलता है. किताब के मुताबिक, जब मंत्री ने उन्हें सरकारी आंकड़े दिखाने की कोशिश की तो ट्रंप ने अपना आपा खो दिया और गाली देते हुए कहा कि ये सब ‘बकवास नंबर्स’ हैं. ट्रंप का मानना था कि अमेरिकी सामानों पर भारत कम से कम 175 परसेंट का भारी-भरकम टैक्स लगाता है, जो कि सरकारी रिकॉर्ड से बहुत ज्यादा है.

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी सरकारी आंकड़ों पर भरोसा करने के बजाय अपनी खुद की थ्योरी पर अड़े हुए थे. किताब में दावा किया गया है कि जब वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने राष्ट्रपति ट्रंप के सामने ‘यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव’ (USTR) द्वारा तैयार किए गए आधिकारिक टैरिफ आंकड़े पेश किए, तो ट्रंप का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया. ट्रंप ने अपने ही प्रशासन पर गुमराह करने वाले आंकड़े देने का आरोप लगा डाला.

हॉवर्ड लुटनिक ने ट्रंप को समझाने की बहुत कोशिश की कि आधिकारिक आंकड़े ही सही हैं लेकिन ट्रंप ने उनकी एक न सुनी. उन्होंने गुस्से में कहा, ‘नहीं, ये सब बकवास नंबर्स हैं’. उन्होंने सरकारी आंकड़ों को सीधे तौर पर गालियां बकते हुए खारिज कर दिया. ट्रंप के अलावा अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भी भारत को ‘टैरिफ का महाराजा’ करार दिया है.

क्या है US पर Indian Tariff का असली आंकड़ा? व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट का सच

भले ही डोनाल्ड ट्रंप भारत पर 175 परसेंट टैक्स लगाने का दावा कर रहे थे लेकिन व्हाइट हाउस की आधिकारिक फैक्ट शीट कुछ और ही कहानी बयां करती है. भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते के फैक्ट शीट में ये बात मानी गई है कि भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अमेरिका पर सबसे अधिक टैरिफ लगाने वाले देशों में से एक है. आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक-

  • कृषि उत्पाद : भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों पर औसतन 37 परसेंट तक का टैरिफ लगाता है.
  • ऑटोमोबाइल : कुछ खास अमेरिकी गाड़ियों और ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर यह टैक्स 100 परसेंट से भी ज्यादा चला जाता है. हालांकि, यह ट्रंप के 175 परसेंट वाले दावे से काफी कम है.

रूसी तेल खरीदने पर भारत पर लगाया था 50% का भारी टैक्स

भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्ते उस समय बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गए थे, जब डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की लगातार खरीद किए जाने पर भारी नाराजगी जताई थी. अगस्त 2025 में ट्रंप ने भारत पर आरोप लगाया था कि वो रूसी तेल खरीदकर ‘यूक्रेन युद्ध में पुतिन की मदद’ कर रहा है. इसके बाद ट्रंप ने भारत से आने वाले सामानों पर 25 परसेंट का अतिरिक्त टैक्स ठोक दिया था. इससे पहले भी अमेरिका भारत पर 25 परसेंट ड्यूटी लगा चुका था. इस तरह भारत पर कुल अमेरिकी टैरिफ का बोझ बढ़कर 50 परसेंट हो गया था, जिसने भारत को ब्राजील और चीन जैसे ब्रिक्स (BRICS) देशों की कतार में ला खड़ा किया था, जो सबसे भारी अमेरिकी टैक्स का सामना कर रहे हैं.

इतना ही नहीं, ट्रंप ने ये दावा भी किया था कि उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले संभावित युद्ध को रुकवाया है, जिसे नई दिल्ली ने आधिकारिक तौर पर सिरे से खारिज कर दिया था. इन सब वजहों से दोनों देशों के बीच कड़वाहट काफी बढ़ गई थी.

India-US ट्रेड डील देगी राहत!

इस भारी तनाव और गतिरोध के बाद दोनों देशों के कूटनीतिक गलियारों से आखिरकार एक राहत भरी खबर भी सामने आई. इसी साल फरवरी में भारत और अमेरिका ने एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क पर सहमति जताते हुए एक-दूसरे के सामानों पर टैरिफ कम करने का ऐतिहासिक ऐलान किया है. इस नए ट्रेड समझौते के लागू होने के बाद व्यापारिक समीकरण काफी बदल जाएंगे.

  • 18% पर आएगा टैक्स: इस नई ट्रेड डील के पूरी तरह लागू होते ही अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया भारी-भरकम टैक्स घटकर मात्र 18 परसेंट रह जाएगा.
  • बदलेंगे India-US के रिश्ते: इस समझौते से दोनों देशों के बीच पिछले कई महीनों से चला आ रहा व्यापारिक गतिरोध अब खत्म होने की कगार पर है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

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