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fifa world cup unbreakable records: आगामी 11 जून से 23वां फीफा वर्ल्ड कप शुरू होने जा रहा है. पहली बार फीफा वर्ल्ड कप 1930 में खेला गया था. तब से लेकर कई रिकॉर्ड बने और टूटे, लेकिन कुछ ऐसे कीर्तिमान हैं, जिनकी कोई बराबरी भी नहीं कर पाया है. आइए जानते हैं ऐसे 5 रिकॉर्ड्स के बारे में, जिनका आने वाले समय में भी टूटना असंभव जैसा ही है.
फीफा वर्ल्ड कप इतिहास के 5 बड़े रिकॉर्ड
नई दिल्ली. फुटबॉल प्रेमियों का इंतजार खत्म होने वाला है, क्योंकि दुनिया का सबसे बड़ा टूर्नामेंट, फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 11 जून से हो रहा है. अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में होने वाला यह टूर्नामेंट इस बार और भी भव्य होगा, क्योंकि इतिहास में पहली बार इसमें 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं. जैसे-जैसे नए दौर के सितारे मैदान पर अपना जादू बिखेरने के लिए तैयार हो रहे हैं, वैसे-वैसे फुटबॉल प्रेमियों की नजरें इतिहास के पन्नों पर भी टिकी हैं. फीफा के 96 साल से ज्यादा के इतिहास में कई बड़े रिकॉर्ड बने और टूटे, लेकिन कुछ कारनामे ऐसे हैं जो समय की कसौटी पर ‘अटूट’ बन चुके हैं. आइए टूर्नामेंट के आगाज से पहले नजर डालते हैं फीफा वर्ल्ड कप के ऐसे ही 5 ऐतिहासिक और बेमिसाल रिकॉर्ड्स पर, जिनका टूटना असंभव जैसा लगता है.
हकन सुकुर का पलक झपकते ही गोल
तुर्की के पूर्व स्ट्राइकर हकन सुकुर के नाम फीफा वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे तेज गोल दागने का अविश्वसनीय रिकॉर्ड है. यह कारनामा उन्होंने साल 2002 के वर्ल्ड कप में साउथ कोरिया के खिलाफ तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में किया था. मैच शुरू होने की सीटी बजी ही थी कि साउथ कोरिया के डिफेंडर्स की एक चूक का फायदा उठाते हुए सुकुर ने महज 10.89 सेकंड में गेंद को नेट के अंदर डाल दिया था. आज के आधुनिक और अत्यधिक रक्षात्मक फुटबॉल में इस रिकॉर्ड को तोड़ना लगभग असंभव माना जाता है.
फोटो में बाईं ओर हकन सुकुर.
जस्ट फोंटेन का एक ही सीजन में 13 गोल को रिकॉर्ड
फ्रांस के महान फारवर्ड जस्ट फोंटेन ने एक ही वर्ल्ड कप एडिशन में सबसे ज्यादा गोल करने का ऐसा बेंचमार्क सेट किया है, जिसके आसपास भी कोई आधुनिक फुटबॉलर नहीं पहुंच पाया है. फोंटेन ने साल 1958 के स्वीडन वर्ल्ड कप में यह इतिहास रचा था. उन्होंने केवल 6 मैचों में 13 गोल दाग दिए थे, जिसमें वेस्ट जर्मनी के खिलाफ एक मैच में किए गए 4 गोल भी शामिल थे. आज के समय में खिलाड़ी पूरे करियर में 13 गोल नहीं कर पाते, जबकि फोंटेन ने इसे एक ही सीजन में कर दिखाया था.
सबसे युवा विश्व विजेता ‘पेले’
ब्राजील के दिवंगत जादूगर और सर्वकालिक महान खिलाड़ी पेले के नाम सबसे कम उम्र में फीफा वर्ल्ड कप जीतने का रिकॉर्ड दर्ज है. साल 1958 के वर्ल्ड कप फाइनल में जब ब्राजील ने जीत दर्ज की, तब पेले की उम्र महज 17 साल और 249 दिन थी. पेले न सिर्फ इस टूर्नामेंट में खेले, बल्कि उन्होंने सेमीफाइनल में हैट्रिक और फाइनल में स्वीडन के खिलाफ 2 शानदार गोल दागकर अपनी टीम को चैंपियन बनाया था. इतनी कम उम्र में विश्व कप के सबसे बड़े मंच पर ऐसा प्रदर्शन और खिताब जीतना एक चमत्कार से कम नहीं था.
फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ महान फुटबॉलर पेले.
प्लेयर ऑफ द मैच के ‘सुल्तान’ लियोनेल मेसी
आधुनिक फुटबॉल के ‘G.O.A.T’ कहे जाने वाले अर्जेंटीना के दिग्गज स्टार लियोनेल मेसी के नाम वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा बार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने का रिकॉर्ड है. मेसी ने अपने पांच वर्ल्ड कप करियर के दौरान कुल 11 बार यह अवॉर्ड जीता. विशेषकर 2022 के कतर वर्ल्ड कप में, जहां उन्होंने अकेले 5 बार यह खिताब अपने नाम कर अर्जेंटीना को चैंपियन बनाया. यह रिकॉर्ड मेसी की निरंतरता को दिखाता है कि कैसे वह हर बड़े मैच में अपनी टीम के लिए सबसे बड़े संकटमोचक बनकर उभरते हैं. इस बार 2026 में वह अपने इस रिकॉर्ड को और आगे बढ़ा सकते हैं.
ओलेग सलेंको का एक मैच में 5 गोल का रिकॉर्ड
रूस के स्ट्राइकर ओलेग सलेंको के नाम फीफा वर्ल्ड कप के एक ही मैच में सबसे ज्यादा गोल करने का अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है. साल 1994 के अमेरिका वर्ल्ड कप में रूस और कैमरून के बीच ग्रुप स्टेज का मैच खेला जा रहा था. उस मुकाबले में रूस ने कैमरून को 6-1 से हराया था, जिसमें से अकेले 5 गोल ओलेग सलेंको ने दागे थे. विश्व कप जैसे हाई-प्रेशर टूर्नामेंट के एक ही मैच में किसी खिलाड़ी द्वारा 5 बार नेट को भेदना अपने आप में एक अविश्वसनीय रिकॉर्ड है, जिसे तोड़ना तो दूर आज तक कोई दोहरा भी नहीं पाया है.
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शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें












