—Advertisement—

हेलमेट में भरा पानी, रुकने लगी थीं सांसें… मौत को मात देने वाले एस्ट्रोनॉट लुका परमितानो आर्टेमिस 3 मिशन के लिए कैसे चुने गए?

Author Picture
Published On: June 27, 2026

—Advertisement—

Artemis 3 Crew Announced: अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने 2027 के आर्टेमिस 3 मिशन के लिए आधिकारिक क्रू मेंबर्स की घोषणा कर दी है. इस खास टीम में एक ऐसा नाम शामिल है जो स्पेस में एक बेहद खौफनाक हादसे का शिकार हो चुका है. हम बात कर रहे हैं इटली के एस्ट्रोनॉट लुका परमितानो की. लुका जुलाई 2013 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के बाहर एक स्पेसवाक कर रहे थे. तब उनके हेलमेट में अचानक से पानी भर गया था. उस समय अंतरिक्ष के अंधेरे में उनकी जान जाते जाते बची थी. अब नासा ने उसी साहसी लुका को आर्टेमिस 3 मिशन के लिए अपना पायलट चुना है. इस अहम मिशन में नासा के तीन और तेज तर्रार एस्ट्रोनॉट शामिल होंगे. रैंडी ब्रेसनिक इस पूरी टीम के कमांडर की भूमिका निभाएंगे. आंद्रे डगलस और फ्रैंक रुबियो इस टीम में मिशन स्पेशलिस्ट होंगे. इसके अलावा नासा के एस्ट्रोनॉट बॉब हाइन्स को बैकअप क्रू मेंबर के रूप में रखा गया है.

यह मिशन 2028 में होने वाले आर्टेमिस 4 मिशन के लिए एक बहुत मजबूत आधार तैयार करेगा. इसी की मदद से चांद के दक्षिणी ध्रुव पर इंसान को उतारने का नासा का बहुत पुराना सपना सच हो सकेगा.

आर्टेमिस 3 मिशन के लिए चुने गए एस्ट्रोनॉट लुका परमितानो असल में कौन हैं?

लुका परमितानो यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ईएसए) के एक बहुत ही अनुभवी एस्ट्रोनॉट हैं. उनका चयन मई 2009 में ईएसए के एस्ट्रोनॉट कोर के लिए किया गया था. वह इटालियन एयर फोर्स में एक कर्नल और बेहतरीन टेस्ट पायलट के पद पर भी काम करते हैं. सबसे खास बात यह है कि लुका आर्टेमिस मिशन के लिए चुने गए ईएसए के पहले एस्ट्रोनॉट बन गए हैं. इस बड़ी उपलब्धि के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लुका ने अपनी खुशी जाहिर की.

लुका ने कहा, ‘मुझे जो नई जिम्मेदारी मिली है, मैं उससे बहुत अधिक सम्मानित महसूस कर रहा हूं’. उन्होंने अपनी शानदार सफलता का पूरा श्रेय अपने परिवार को दिया. लुका ने कहा, ‘हम बिना फ्यूल के कहीं नहीं जा सकते हैं’. उन्होंने साफ बताया कि उनके लिए उनकी पत्नी और बेटियों का प्यार ही असली ऊर्जा है. परिवार की यही ऊर्जा उनके अंदर अंतरिक्ष की गहराई नापने का जुनून जगाती है.

साल 2013 में स्पेसवाक के दौरान लुका के साथ क्या भयानक हादसा हुआ था?

लुका परमितानो ने बहुत मुश्किल हालात में भी खुद को हमेशा शांत रखना सीखा है. 16 जुलाई 2013 को स्पेस में उनके साथ एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी थी. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के बाहर स्पेसवाक करते समय उनके स्पेससूट के कूलिंग सिस्टम में लीकेज हो गया था. इस खराबी के कारण उनके हेलमेट में बहुत तेजी से पानी भरने लगा था. पानी उनकी नाक और आंखों तक पहुंच गया था. लुका लगभग अंधे हो चुके थे और उन्हें रेडियो पर कुछ सुनाई नहीं दे रहा था.
मार्च 2026 में न्यू साइंटिस्ट में छपे एक खास आर्टिकल में लुका ने उस पल को याद करते हुए कहा था, ‘मुझे पता था कि मुझे तुरंत वापस अपने एयरलॉक तक पहुंचना है’. उनके सामने सबसे बड़ा सवाल बस यही था कि पानी उनके मुंह तक कब पहुंचेगा और उनकी सांसें कब रुक जाएंगी.
लुका परमितानो. (Photo : NASA)

एस्ट्रोनॉट के हेलमेट में पानी भरने की उस जानलेवा घटना का असली कारण क्या था?

इस जानलेवा लीकेज की असल शुरुआत 9 जुलाई की एक स्पेसवाक के दौरान ही हो गई थी. उस समय स्पेस स्टेशन की टीम को लगा था कि पानी लुका के ड्रिंक बैग से लीक हुआ है. उनका वह शुरुआती अनुमान पूरी तरह से गलत साबित हुआ. बाद में पता चला कि स्पेससूट के एक खास फिल्टर में बहुत ज्यादा गंदगी जमा हो गई थी. इस ब्लॉकेज की वजह से पानी सीधा उस लाइन में चला गया जो एस्ट्रोनॉट के हेलमेट में ताजी हवा भेजती है.

कई महीनों के बाद इस घटना की एक विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने आई. इस रिपोर्ट में स्पेस स्टेशन के मैनेजमेंट की काफी सख्त आलोचना की गई. रिपोर्ट में साफ कहा गया कि 9 जुलाई की घटना के बाद मैनेजमेंट को 16 जुलाई की स्पेसवाक की इजाजत नहीं देनी चाहिए थी. रिपोर्ट में भविष्य के मिशन को सुरक्षित बनाने के लिए 49 बड़े सुधार भी बताए गए.

साल 2027 में होने वाले इस आर्टेमिस 3 मिशन का मुख्य टारगेट क्या होगा?

आर्टेमिस 3 मिशन का मुख्य लक्ष्य धरती की निचली कक्षा में कई खतरनाक और अहम टेस्ट पूरे करना है. यह 2027 का मिशन 2028 में होने वाले आर्टेमिस 4 मिशन के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है. आर्टेमिस 4 के जरिए ही इंसान दशकों बाद पहली बार चांद के दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखेगा. 2027 के इस स्पेस टेस्ट फ्लाइट में नासा का सबसे पावरफुल एसएलएस रॉकेट इस्तेमाल किया जाएगा.

यह विशाल रॉकेट ओरियन स्पेसक्राफ्ट और उसके क्रू को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च करेगा. अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचने के बाद ओरियन स्पेसक्राफ्ट अपने सारे सिस्टम चेक करेगा. यह इतिहास में पहली बार नई डॉकिंग क्षमताओं का सीधा प्रदर्शन भी करेगा. इसके लिए स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन कंपनियों द्वारा बनाए जा रहे ह्यूमन लैंडिंग सिस्टम का टेस्ट किया जाएगा.

स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन के साथ मिलकर नासा भविष्य की क्या प्लानिंग कर रहा है?

नासा की टीम का मानना है कि यह एक बेहद जटिल और मुश्किल मिशन होने वाला है. इसमें दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट की मल्टीपल लॉन्चिंग शामिल होगी. अंतरिक्ष की कक्षा में ओरियन और लैंडर के बीच हार्डवेयर टेस्टिंग से लेकर प्रोपल्शन का पूरा टेस्ट होगा. ईएसए के डायरेक्टर जनरल जोसेफ असचबैकर ने भी इस ग्लोबल मिशन की जमकर तारीफ की है.

जोसेफ ने कहा, ‘आर्टेमिस 3 मिशन इन ऑर्बिट स्पेसक्राफ्ट ऑपरेशंस की सभी सीमाओं को आगे बढ़ाएगा’. उन्होंने यह भी कहा कि लुका का चयन पूरे यूरोप की स्पेस एक्सपर्टीज को मजबूती से दिखाता है. ईएसए का बेहतरीन यूरोपियन सर्विस मॉड्यूल एक बार फिर ओरियन स्पेसक्राफ्ट को पावर देने का काम करेगा. यह अमेरिका और यूरोप की दोस्ती का एक बहुत शानदार उदाहरण है. इसी मिशन की रिसर्च के दम पर इंसान का चांद पर वापस लौटने का सपना पूरा होगा.

Related News
Home
Facebook
Telegram
X