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महाराजगंज के सीमावर्ती इलाकों में खेतों में रातभर रुकती हैं भेड़, किसान देते हैं राशन, मिलता है ये फायदा, जाने

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Published On: June 1, 2026

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महराजगंज के सीमावर्ती गांवों में भेड़ों को अपने खेत में रात में रुकने के लिए अनुमति देने के पीछे किसानों का एक बहुत बड़ा फायदा होता है. जब भेड़ के झुंड खेत में लंबे समय तक रूकते हैं तो उनके मल–मूत्र से खेत में प्राकृतिक खाद मिलती है. इस खाद से खेतों की उर्वरता बढ़ती है और खेत में फसल की पैदावार भी बहुत अच्छी हो है. खास बात है कि यह पारंपरिक तरीका बहुत ही प्राकृतिक रूप से प्रचलित है और एक लंबे समय से किसान इस तरह की परंपरा के साथ खेती करते आ रहे हैं.

​महराजगंज के सीमावर्ती गांवों में भेड़ों को अपने खेत में रात में रुकने के लिए अनुमति देने के पीछे किसानों का एक बहुत बड़ा फायदा होता है. जब भेड़ के झुंड खेत में लंबे समय तक रूकते हैं तो उनके मल–मूत्र से खेत में प्राकृतिक खाद मिलती है. इस खाद से खेतों की उर्वरता बढ़ती है और खेत में फसल की पैदावार भी बहुत अच्छी हो है. खास बात है कि यह पारंपरिक तरीका बहुत ही प्राकृतिक रूप से प्रचलित है और एक लंबे समय से किसान इस तरह की परंपरा के साथ खेती करते आ रहे हैं.  

विकाश रघुवंशी संस्थापक एवं प्रधान संपादक डिजिटल भारत न्यूज़ (डिजिटल मीडिया) एवं रघुवंशी वाइसहब (प्रिंट मीडिया) 📞 7403888881 विकाश रघुवंशी Digital Bharat News में पिछले छह वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 6 वर्ष से अधिक का अनुभव है। सोनभद्र में पत्रकारिता करते हुए उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनसरोकार और प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम और सामाजिक विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर भी वे नियमित रूप से लिखते हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है। सरल और प्रभावी भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनकी विशेषता है। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने और लिखने में भी उनकी गहरी रुचि है। || भारत का तेजी से उभरता हुआ हिन्दी समाचार पत्र ||… Read More

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